जल्दबाजी में तैयार कराया था हॉल
दरअसल, जल्दबाजी में संस्था की ओर से हॉल तैयार कराया गया था, जहां मुकम्मल इंतजाम नहीं थे। जबकि, प्रेस कांफ्रेंस तीन दिन पहले से प्रस्तावित थी। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा का भी ध्यान नहीं रखा गया। दरअसल, दोपहर को केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी प्रेस कांफ्रेंस के लिए हॉल में आकर अपनी कुर्सी पर बैठ गए। उनके बराबर में प्रदेश के जलशक्ति राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड, पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल, मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज भी आकर अपने अपने स्थान पर बैठ गए।
पीछे खड़े लोगों ने अपने ऊपर ले ली सीलिंग
चंद मिनट के बाद ही हॉल की अस्थाई छत की फॉल सीलिंग एक-एक कर लाइन से गिरने लगी। वह तो कुर्सियों के पीछे खड़े डीएम के अर्दली नब्बू खां और अन्य लोगों ने फॉर सीलिंग को अपने ऊपर ले लिया। केंद्रीय मंत्री भी नजारा देख अचंभित हो गए। इससे हड़कंप मच गया। केंद्रीय मंत्री समेत तमाम नेता और अधिकारी बाल-बाल बच गए। बाद में केंद्रीय मंत्री ने लोगों से शांत होने की अपील की, जिसके बाद प्रेस कांफ्रेंस शुरू हो सकी।