नकवी ने कहा कि जिस समय कोरोना की पहली लहर भारत में आई थी, हमारे देश में पीपीई किट, वेंटिलेटर, कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पीटल, वैक्सीनेशन आदि की पर्याप्त सुविधाएं, संसाधन नहीं थे। लगभग एक वर्ष के अंदर ही आज भारत कोरोना टेस्टिंग किट, डेडिकेटेड कोरोना अस्पताल, डेडिकेटेड कोरोना हेल्थ सेंटर, आइसोलेशन बेड, आईसीयू बेड, एन-95 मास्क का उत्पादन, पीपीई किट का निर्माण, मेडिकल ऑक्सीजन, वेंटिलेटर का उत्पादन हो, भारत आत्मनिर्भर हो गया है।
नकवी ने कहा कि "जान है तो जहान है" के संकल्प के साथ केंद्र में मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने इस चुनौतीपूर्ण वक्त में काम किया है। मोदी सरकार द्वारा कोरोना की चुनौतियों के दौरान 80 करोड़ लोगों को एक वर्ष से ज्यादा समय तक मुफ्त अनाज दिया गया। इसे जारी रखते हुए "प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना" के तहत पुन: 80 करोड़ जरूरतमंदों को प्रति माह प्रति व्यक्ति 5 किलो निशुल्क अनाज दिया जा रहा है। संकट के समय 8 करोड़ परिवारों को निशुल्क गैस सिलिंडर दिया गया है।
20 करोड़ महिलाओं के जन धन खाते में 1500 रुपये दिए गए हैं। किसान सम्मान निधि का लाभ 10 करोड़ से अधिक किसानों को दिया गया है। आत्मनिर्भर पैकेज के तहत कृषि क्षेत्र के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। डेरी से फेरी वालों, किसान से मजदूर तक की चिंता की गयी है। नकवी ने कहा कि सरकार-समाज के संकल्प से आज भारत आपदा से बाहर निकल रहा है।