कार हादसे में दस लोगों की मौत के बाद आखिरकार सरकारी अमला जाग गया। अफसरों ने एक्सीडेंट जोन माने जाने वाले बाईपास के कई स्थलो का मौका मुआयना किया। साथ ही इस दौरान यहां पर बाईपास पर अंडरपास का निर्माण कराने के साथ ही बाईपास पर बने अवैध कट को बंद करने का भी फैसला लिया गया है। इसके साथ ही ढाबों के किनारे वाहनों को न खड़े करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाईपास का करीब पांच किलोमीटर का एरिया खूनी साबित हो रहा है। दो दिन पहले अलीगनगर जनूवी गांव के पास बाईपास पर बारात से लौटती कार एक ट्रक में जा घुसी थी,जिससे उसमें सवार दस लोगों कीमौत हो गई थी,जिसमें नौ लोग तो एक ही परिवार के थे। दिल दहला देने वाली इस वारदात से प्रशासनिक अमला भी हिल गया है। दरअसल बाईपास एक्सीडेंट जोन बना हुआ है।
इस जोन में तकरीबन अब तक 24 लोगों की जान जा चुकी है। कई दफा यहां होने वाले हादसे कानून व्यवस्था के लिए भी खतरा बने हुए हैं। दस लोगों की मौत के बाद आखिरकार प्रशासनिक अमला जाग गया है। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी के साथ लोक निर्माण विभाग, एनएचआई के अफसरों को लेकर उस घटना स्थल पर पहुंचे,जहां पर यह हादसा हुआ था। अफसरो ने बारीकी से बाईपास का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए,जिसके बाद जिलाधिकारी ने कई महत्वपूर्ण निर्देश अफसरों को जारी किए। अब बाईपास पर कट नहीं दिखेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि बाईपास का सर्वे किया गया है। इस पर अंडरपास भी बनेगा।