रामपुर। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में 21 दिसंबर को रामपुर में हुए बवाल के मामले में पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई को उलेमा गलत ठहरा रहे हैं। इसके विरोध में पांच सूत्रीय ज्ञापन तैयार कर जामा मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद पढ़कर सुनाया। इस ज्ञापन को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को भी भेजा गया है। ज्ञापन में हिंसा को लेकर गिरफ्तार किए गए सभी लोगों की रिहाई, दर्ज किए गए मुकदमे को निरस्त करने समेत पांच मांगों को शामिल किया गया है। इसके लिए पुलिस-प्रशासन को 29 जनवरी तक का समय दिया गया है। इसके बाद 30 जनवरी को आम राय-मशविरा के बाद संवैधानिक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 21 दिसंबर को रामपुर बंद का एलान किया गया था। इस दौरान हाथीखाना चौराहे के पास बवाल हो गया था। उग्र भीड़ ने पथराव-आगजनी करते हुए पुलिस जीप समेत छह बाइक फूंक दी थीं। हिंसा के दौरान फैज नामक युवक की मौत भी हो गई थी। मामले में पुलिस ने करीब डेढ़ सौ लोगों को नामजद करते हुए हजारों अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसके बाद प्रशासन ने करीब 15 लाख जुर्माने की वसूली के नोटिस जारी करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था।
घटना के बाद से ही मामले में कई बेकसूरों को पकड़े जाने की बात कहते हुए उनकी रिहाई की मांग उठाई जा रही थी। इसको लेकर उलेमा डीएम-एसपी से भी मिले थे। जिसमें प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर बेकसूरों को छोड़ने का आश्वासन भी दिया गया था। लेकिन, घटना के करीब एक माह बाद तक कोई राहत न मिलने पर पिछले दिनों सैकड़ों महिलाएं जामा मस्जिद पहुंच गई थीं और शहर इमाम के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके परिजनों को बेकसूर बताते हुए उनकी रिहाई की मांग करने लगीं।
शुक्रवार 24 जनवरी को जुमे की नमाज के बाद जामा मस्जिद में एक ज्ञापन पढ़कर सुनाया गया, जिसकी प्रति डीएम-एसपी को भी भेजे जाने की बात कही गई है। ज्ञापन में धारा 169 के तहत गिरफ्तार लोगों की रिहाई, फैज खां के हत्यारे का पता लगाकर कार्रवाई किए जाने, जुर्माने की कार्रवाई का आदेश वापस लिए जाने, गिरफ्तार किए गए लोगों के अलावा नामजद किए गए लोगों की कार्रवाई को निरस्त किए जाने, हजारों अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर निरस्त करने की मांग शामिल है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि उपरोक्त मांगों के निस्तारण को गंभीरता से नहीं लिया गया तो धार्मिक नेता संवैधानिक विरोध के लिए मजबूर होंगे। इसके लिए बुधवार 29 जनवरी की शाम तक इंतजार किया जाएगा और इसके बाद 30 जनवरी को राय-मशवरे के बाद एलान किया जाएगा।
ज्ञापन पर शहर इमाम मुफ्ती महबूब अली, काजी ए शहर सैयद अहमद अली उर्फ खुशनूद मियां, मजार हाफिज शाह जमालुल्लाह साहब के सज्जादानशीन फरहत जमाली, जमीयत उलमा के अध्यक्ष मौलाना असलम जावेद कासमी, मौलाना सैयद मोहम्मद जमा बाकरी, अंसार अहमद कासमी के नाम शामिल हैं।
बेकसूरों की रिहाई को नूरबानो ने भी डीएम से की मुलाकात
रामपुर। 21 दिसंबर की हिंसा के मामले में पूर्व सांसद बेगम नूरबानो ने भी जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह से मुलाकात कर बेकसूरों की रिहाई की मांग की। इस मौके पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष मामून शाह खां, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नोमान खां मौजूद रहे।