रामपुर। अब चौपहिया वाहन चलाने के लिए भी पढ़ाई-लिखाई करनी होगी। गाड़ी चलाने को सीखने के लिए बाकायदा दाखिला होगा और फिर फीस जमा होने के साथ थ्योरी और प्रैक्टिकल के जरिये पढ़ाई कराई जाएगी। जिसके बाद टेस्ट में जब पास होने पर प्रमाणपत्र जारी होगा। प्रमाणपत्र दिखाकर लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हादसों में कमी लाने के लिए परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। गाड़ी चलाना सीखने के लिए भी स्कूल की तरह दाखिला लेना होगा। इसके बाद पहले उसके बारे में पूरा ज्ञान देने के लिए प्रशिक्षक रखे जाएंगे। बाकायदा नोट्स बनाए जाएंगे। प्रैक्टिकल के रूप में ड्राइविंग सिम्यूलेटर पर बैठाकर सिखाया जाएगा। इसके बाद ट्रैक पर कार को लाकर वहां चलवाया जाएगा। इसके बाद इसकी परीक्षा होगी। जिसमें ड्राइविंग टेस्ट होगा। टेस्ट में पास हो जाने पर यहां से एक प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
यह प्रमाणपत्र परिवहन विभाग में ले जाने पर ऑटोमेटिक लाइसेंस बन जाएगा। इसके लिए कोई अन्य टेस्ट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए विभाग ने रोशन बाग की एक कंपनी परफेक्ट टेस्ट हाऊस को स्वीकृति दी है। इनको लेटर ऑफ इंडेंट जारी कर दिया है। एक साल के भीतर अब इस कंपनी को सेटअप लगाकर काम दिखाना होगा। बताया जा रहा है कि यह ट्रेनिंग सेंटर शहजाद नगर जीरो प्वाइंट पर बनाया जाएगा।
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छह टेस्टिंग एजेंसी करेंगी चेक
शहर में बन रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनने के बाद इसको भारत सरकार की छह एजेंसी पास करेंगी। इसके बाद इसको शुरू कराया जाएगा। जिसमें लोग दाखिला लेकर गाड़ी चलाना सीखेंगे। शहजाद नगर में बन रहे ट्रेनिंग सेंटर में पहले ड्राइविंग सिम्यूलेटर पर गाड़ी सिखाई जाएगी। इसके बाद यहां बनने वाले ओरिजनल ट्रैक और गाड़ी के साथ ट्रेनिंग दी जाएगी। बताया जा रहा है कि शहजाद नगर जीरो प्वाइंट पर बनने वाले ट्रैक के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। टेस्ट होने पर इसकी मार्किंग सीसीटीवी के आधार पर दी जाएगी।
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ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में लोगों को गाड़ी सीखने का मौका मिलेगा। यहां से गाड़ी सीखकर लोग पारंगत होकर निकलेंगे। इसके लिए बाकायदा स्कूलों की तरह थ्योरी, प्रैक्टिकल और टेस्ट होगा। एक साल के अंदर शुरू कर दिया जाएगा। - राजेश श्रीवास्तव, एआरटीओ, परिवहन विभाग, रामपुर