रामपुर। जनता कर्फ्यू का असर शहर के कारोबार पर भी पड़ा। शहर में अरबों रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। तमाम फैक्टरियों के साथ ही रिटेल, थोक और लकड़ी का कारोबार भी नहीं हो सका। इसके अलावा रामपुर में होने वाला अरबों रुपये का मैंथा कारोबार भी प्रभावित रहा। किराना तक की दुकानें बंद रहीं।
कोरोना संक्रमण के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने रविवार को जनता कर्फ्यू की अपील की। उनकी अपील का असर यह रहा कि जिला पूरी तरह से बंद रहा। यहां तक कि छोटी छोटी दुकानों से लेकर बड़ी बड़ी फैक्ट्रियां भी बंद रहीं। रामपुर की बात की जाए तो यहां से लकड़ी एवं मैंथा का कारोबार बड़े पैमाने पर होता है। फिर चाहें प्लाई की बात हो या फिर मैंथा निर्यात। यहां तमाम पिलिंग मशीनें और मैंथा फैक्ट्रियां हैं। ऐसे जनता कर्फ्यू कर असर रामपुर के कारोबार पर भी रहा। यहां रामपुर डिस्टलरी समेत मैंथा, रिटेल, थोक, लकड़ी का पिलिंग मशीनें तक भी बंद रहीं। छोटी छोटी दुकानें और खोखे भी बंद रहे। ज्वालानगर की सब्जी मंडी में भी कोई दुकान नहीं खुल सकी। शाम को फैक्ट्रियों के प्रबंधकों की ओर से जिलाधिकारी को फोन कर जानकारी ली गई, तो जिलाधिकारी ने बताया कि सुबह छह बजे फैक्ट्रियों में कामकाज शुरु न किया जाए।