रामपुर। बृहस्पतिवार सुबह गले में टॉफी फंसने से शाहबाद नगर पंचायत की सभासद अंजुम बेगम के पांच साल के बेटे हमजा की मौत हो गई। हमजा मदरसे का छात्र था। शाहबाद के मोहल्ला तकिया के वार्ड-8 की सभासद अंजुम बेगम का बेटा हमजा बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे घर से पैसे लेकर परचून की दुकान पर टॉफी लेने गया था। सभासद के देवर इकरार अहमद ने बताया कि हमजा पास के ही मदरसे में पढ़ने जाता था। मदरसा जाने से पहले वह दुकान से टॉफी लेकर आया और एक टॉफी खा ली।
टॉफी खाते ही बच्चे के गले में अटक गई। सांस न ले पाने के कारण उसका दम घुटने लगा। इकरार अहमद अन्य परिजनों के साथ बच्चे को तुरंत सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि टॉफी सीधे बच्चे की सांस नली में अटक गई थी, जिससे वह सांस नहीं ले पाया और उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत पर मां अंजुम बेसुध हो गईं। हमजा पांच भाइयों में सबसे छोटा था। बृहस्पतिवार शाम को उसे सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
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बच्चों को टॉफी देते समय बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के चिकित्सक और एसीएमओ डॉ. दशरथ सिंह ने बताया कि आमतौर पर बच्चे टॉफी, चॉकलेट खाने के बजाय उसे निगलने की कोशिश करते हैं। इससे टॉफी सांस नली में चली जाती है, जो जानलेवा साबित होती है। अभिभावक बच्चों को टॉफी दें तो उसे चबाकर खाने की आदत डलवाएं। साथ ही खाते-पीते समय बच्चों को खेलने-कूदने न दें। इससे भी कई बार खाने की चीजें सांस नली में अटक जाती हैं। फिर भी यदि कभी ऐसे समस्या आए तो बच्चे को उल्टा करके उसकी पीठ को थपथपाएं, जिससे टॉफी आदि गले से बाहर निकलने की संभावना रहती है।