रामपुर के अंतिम शासक नवाब रजा अली खां का क्रिस्टल थ्रोन (सिंहासन) आजकल चर्चा में है, क्योंकि इसकी कीमत पांच करोड़ आंकी गई है और यह गायब है।
अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने क्रिस्टल थ्रोन की तस्वीर जारी करते हुए इसे बेचे जाने का आरोप लगाया है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर जिला न्यायाधीश द्वारा अंतिम शासक के वारिसान के बीच संपत्ति के बंटवारे की प्रक्रिया पूर्ण कराई जा रही है। चल और अचल संपत्ति के मूल्यांकन के लिए कोर्ट ने कमिश्नर नियुक्त किए हैं।
चल संपत्ति की जो मूल्यांकन रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई है, उसमें क्रिस्टल थ्रोन (सिंहासन) की कीमत पांच करोड़ आंकी गई है। क्रिस्टल थ्रोन (सिंहासन) सर्वे के दौरान गायब था, जिससे यह अब चर्चा में आ गया है।
अंतिम शासक के पौत्र पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने इस सिंहासन की 1970 और 1980 में ली गई तस्वीरें जारी की हैं। पहली बार यह तस्वीरें सामने आई हैं। 1980 में खींची गई फोटो ब्लैक एंड व्हाइट, जबकि 1970 में ली गई तस्वीर कलर है।
वेद मियां ने बताया की रियासतकाल में यह क्रिस्टल थ्रोन (सिंहासन) किले के रंग महल में था। रियासत के भारतीय गणराज्य में विलय के बाद पहले इसे खासबाग पैलेस के ब्लू रूम और फिर दरबार हाल में सुसज्जित किया गया था।
बेल्जियम में बने क्रिस्टल थ्रोन (सिंहासन) के साथ क्रिस्टल के ही दो कुर्सियां और एक स्टूल भी था। उन्होंने कहा कि क्रिस्टल थ्रोन (सिंहासन) कोठी खासबाग से गायब है। उन्होंने आशंका जताई है कि क्रिस्टल थ्रोन को बेच दिया गया है।