मुरादाबाद। जिले में निजी उर्वरक विक्रेताओं, उर्वरक विक्रय करने वाली कई निजी समितियों ने अपने चहेते किसानों को मनमाने तरीके से यूरिया वितरित कर डालीं। तीन किसान सेवा सहकारी समितियां भी इसमें पीछे नहीं रहीं। एक निजी उर्वरक विक्रेता के साथ-साथ एक किसान सेवा साधन समिति ने तो एक-एक किसान को 40 टन से अधिक यूरिया दे दिया। यूरिया की किल्लत के बाद शासन स्तर पर हुई जांच के बाद जिले के 20 ऐसे किसानों की सूची भेजी गई है जिन्हें मानक ताक पर रख कर यूरिया बांटा गया है। शासन से प्राप्त इस सूची में शामिल उर्वरक दुकानों व किसानों की जांच डीएम राकेश कुमार सिंह ने संबंधित उपजिलाधिकारियों को सौंपी है।
प्रदेश में यूरिया किल्लत को ध्यान में रखते हुए शासन से हाल ही में उर्वरक वितरण पोर्टल के माध्यम से प्रदेश भर के सभी जिलों के 20-20 ऐसे किसानों को चिह्नित किया है जिन्होंने अन्य किसानों से कहीं अधिक यूरिया लिया है। शासन ने संबंधित दुकानों व किसानों की जांच कराने के निर्देश डीएम को दिए हैं। जिले में यूरिया वितरण में अनियमितता बरतने में सबसे ऊपर नाम किसान सेवा सहकारी समिति सनाई रोजा का है। बिलारी ब्ला क में स्थित इस समिति ने मोहल्ला हर्षनगर निवासी किसान प्रिंस शंखधार को 41.76 टन यूरिया वितरित किया जाना दर्शाया है। दूसरा नंबर कृषक सेवा केंद्र ठाकुरद्वारा का है। उर्वरक की इस निजी दुकान के स्वामी ने ग्राम फरीदपुर कालम निवासी फुरकान को 40.32 टन बिक्री करना दर्शाया है। किसान सेवा सहकारी समिति सुरजन नगर द्वारा राखी रानी को 38.25 मीट्रिक टन, मोनिका को 35.55 टन, जयवीर सिंह को 30.42 टन यूरिया वितरित की है। इसके अलावा किसान सहकारी समिति कालाझांडा भी अनियमित ढंग से किसानों को खाद देने के आरोप में फंसी है। निजी उर्वरक दुकान भगवती कृषक सेवा केंद्र, बिलारी द्वारा भी ग्राम उमरारा निवासी गुड्डू को 32.58 टन यूरिया देना दर्शाया गया है।
शासन से भेजे गए ये हैं 20 किसानों के नाम
फुरकान , अकील अहमद, अतर सिंह यादव, सतीश कुमार, दक्ष आर्य, सीमा देवी, भारती, खुशबू शर्मा, सिद्धार्थ, सुरेश कुमार, जय प्रकाश, प्रिंस शंखधार, रामेश्वरी शर्मा, राखी रानी, गुड्डू, मोनिका, जयवीर सिंह, चंद्रपाल, संदीप सिंह, अंजीर।
शासन से 20 किसानों को प्रथम दृष्ट्या अनियमित ढंग से उर्वरक देने वाली समितियों व निजी उर्वरक विक्रेताओं को चिह्नित कर उनकी सूची जांच के लिए शासन से भेजी गई है। जिलाधिकारी द्वारा संबंधित एसडीएम से जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
रितुषा तिवारी, जिला कृषि अधिकारी