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संविदा कर्मी की मौत के मामले में त्रिस्तरीय जांच शुरु, बिजली अफसर फीडर की कराएंगे एमआरआई

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संविदा कर्मी की मौत के मामले में त्रिस्तरीय जांच शुरू, बिजली अफसर फीडर की कराएंगे एमआरआई
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अधीक्षण अभियंता ने टीम गठित की, विद्युत सुरक्षा निदेशालय और पुलिस स्तर पर चल रही जांच
तीन दिन के भीतर आएगी एमआरआई की रिपोर्ट, प्रथम दृष्टया एसएसओ और मृतक संविदा कर्मी की गलती आई सामने
रामपुर। बिजली की लाइन ठीक करते वक्त करंट से हुई संविदा कर्मी की मौत की त्रिस्तरीय जांच शुरू हो गई है। अब अफसर वाटर वर्क्स फीडर की एमआरआई कराएंगे, जिसके जरिए यह स्थिति साफ होगी कि लाइन का शट्डाउन लिया गया था या नहीं। वहीं पुलिस और विद्युत सुरक्षा निदेशालय की टीम ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। विभागीय अफसरों की मानें तो अभी तक की जांच में जो सामने आया है, उसमें संविदा कर्मी और एसएसओ दोनों की ही गलती है। अफसरों का मानना है कि शट डाउन में दोनों ही स्तरों पर लापरवाही बरती गई, जिसके बाद इतना बड़ा हादसा हो गया।
घटना रविवार को डूंगरपुर बिजलीघर क्षेत्र में हुई। बताया जाता है कि बिजली की 11 केवी की लाइन में फाल्ट आ गया था, जिसे ठीक करने के लिए डूंगरपुर निवासी संविदा कर्मी गेंदनलाल उर्फ भगत सिंह गए थे। उन्होंने लाइन का शट डाउन ले लिया, जिसके बाद फाल्ट ठीक करने के लिए पुलिस लाइन के गेट के सामने पोल पर चढ़ गए। इस बीच किसी तरह से लाइन में करंट आ गया, जिससे खंभे पर काम कर रहे गेंदनलाल करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने वह झुलसकर नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई थी। घटना से आक्रोशित मृतक के परिजनों ने स्वार रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया था। जिसके बाद मृतक के बड़े बेटे रमेश की तहरीर के आधार पर गंज पुलिस ने जेई राहुल रंजन और एसएसओ महफूज मियां के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज हो गया था। विभागीय स्तर पर भी जांच के आदेश दिए गए हैं।
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सोमवार को बिजली विभाग के अधिकारी, विद्युत सुरक्षा निदेशालय और पुलिस के स्तर पर जांच शुरू हो गई है। अधिशासी अभियंता भीष्म कुमार के आदेश पर एसडीओ विनय कुमार जांच कर रहे हैं, जबकि विद्युत सुरक्षा निदेशालय मुरादाबाद के असिस्टेंट डायरेक्टर राजमणि ने जांच शुरू कर दी है। इसमें डूंगरपुर बिजलीघर के वाटर वर्क्स फीडर की एमआरआई कराई जाएगी। तीन दिन के भीतर इसकी रिपोर्ट आ जाएगी। अधिशासी अभियंता भीष्म कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार एसएसओ और मृतक संविदा कर्मी ही हादसे के लिए दोषी हैं। दोनों के ही स्तर पर लापरवाही बरती गई है। फिर भी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
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