रामपुर। आटा चक्की के अंदर घुसकर अधिवक्ता सहित तीन लोगों की हत्या करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 3 के जज ने शनिवार को तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही तीनों पर अलग- अलग जुर्माना डाला है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के इंद्रप्रस्थ कालोनी में धर्मस्वरूप सैनी की आटा चक्की थी। अगस्त 2010 में दो बाइकों पर सवार चार लोग चक्की के अंदर पहुंच गए थे। आरोपियों ने धर्मस्वरुप सैनी पर गोली चला दी थी। इस दौरान वहां पर बैठे अधिवक्ता राम बहादुर यादव और आटा चक्की में काम करने वा नौकर निजामउददी्न ने पीछा करके दो लोगों को मौके से पकड़ लिया था। जसि पर दो आरोपियों ने उन दोनों पर भी चाकू से हमला कर दिया और फरार हो गए। घटना में नौकर की भी मौके पर ही मौत हो गई थी। धर्मस्वरुप सैनी और राम बहादुर की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने तेजपाल,धर्मपाल,निरंजन, लाखन को आरोपी बनाया था। लेकिन विवेचना के दौरान प्रकाश में आने पर एक अन्य आरोपी विजयपाल को भी इस हत्याकांड में आरोपी के रूप में शामिल कर पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मामले में अपर सत्र न्यायधीश कक्ष संख्या तीन में सुनवाई चल रही थी।सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार ने बताया कि इस मामले में जज ने शनिवार को तेजपाल, धर्मपाल और निरंजन को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुई है। तीनों पर पचास पचास हजार का जुर्माना डाला गया है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट में तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये और दफा 45 में एक साल की सजा और तीन हजार रुपये जुर्माना डाला है। इस मामले में विजयपाल को दोष मुक्त कर दिया गया।जब एक आरोपी लाखन की फाइल को अलग कर दिया है। इस आरोपी के घर की कुुर्की तक हो चुकी है।