जिलेभर में डेंगू और बुखार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। मिलकखानम, शाहबाद और मिलक में डेंगू से दसवीं के छात्र और दो महिलाओं की मौत हो गई। जिस पर परिजनों में कोहराम मच गया। बुखार और डेंगू से मरने वालों का आंकड़ा 75 के पार हो गया है।
मिलकखानम क्षेत्र के ग्राम माहूनगर का मजरा निवासी कलुआ का बेटा अनिल (16) सेंट मैरी स्कूल में दसवीं का छात्र था। ग्रामीणों के अनुसार, उसे चार-पांच दिन पहले बुखार आया था। परिजन इलाज के लिए बिलासपुर ले गए, जहां डाक्टर ने डेंगू होने की पुष्टि की थी। इस पर परिजन मुरादाबाद के एक अस्पताल में इलाज के लिए ले गए। जिसकी इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची घर में कोहराम मच गया। इसी गांव में एक माह में डेंगू से तीसरी मौत है।
शाहबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव परौता निवासी शिव सिंह की पत्नी मीरा देवी (45) को आठ दिन पहले बुखार आया था। हालत में सुधार न होने पर परिजनों ने बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां सुधरने की बजाय हालत और खराब होने लगी। जांच में पता चला कि मीरा को डेंगू है। मंगलवार को उपचार के दौरान डाक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत होने से घर में कोहराम मच गया। क्षेत्र में बुखार से कई मौतें होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इस ओर कोई कदम नहीं उठा रहा है। जिसको लेकर क्षेत्रवासियों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
मिलक के माेहल्ला नसीराबाद निवासी राजेश रस्तोगी की पत्नी चित्रा रस्तोगी (37) को कई दिन पहले बुखार आया था। हालत बिगड़ने पर परिवार वाले बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए थे। बुधवार को इलाज के दौरान चित्रा ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत पर परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों के मुताबिक, चित्रा की मौत डेंगू से हुई है। बुखार मौत को लेकर स्वास्थ्य महकमा को देर रात तक कोई जानकारी नहीं है। डा.मोहित रस्तोगी का कहना है कि उनको बुखार से महिला की मौत की कोई जानकारी नहीं है। वह जानकारी करेंगे।