रामपुर। थाना गंज क्षेत्र के एक निजी जच्चा-बच्चा अस्पताल में 12 दिनों के भीतर तीन नवजातों की मौत से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिजनों ने अस्पताल संचालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में अप्रशिक्षित कर्मचारियों से इलाज कराया गया और गंभीर हालत में समय पर चिकित्सक उपलब्ध नहीं कराए गए। महक, घोसिया और सौफिया के नवजातों की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। फरहा ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पताल से मरीजों को बहला-फुसलाकर यहां भेजा जाता था और विभागीय मिलीभगत से कार्रवाई लटकाई जा रही है। पुलिस को तहरीर मिले तीन दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपा सिंह ने मामले की जांच की बात कही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने विभागीय जांच के बाद अलग तहरीर देने की बात कही है।
गंज थाना प्रभारी पवन कुमार शर्मा का कहना है कि नवजातों की मौत के मामले में पीड़ित महिलाओं की ओर से तहरीर प्राप्त हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी का कहना है कि विभागीय जांच के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अलग तहरीर दी जाएगी, जिसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। संवाद