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Rampur News: कोडीन युक्त सिरप बेचकर फरार हुईं तीन फर्में, तलाश शुरू

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87 हजार रुपये का सिरप बेचा, लाइसेंस निरस्त के लिए शासन को भेजा गया पत्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर। जिले में तीन और ऐसी फर्में सामने आई हैं, जिन्होंने करीब 87 हजार रुपये के कोडीन युक्त सिरप की खरीद तो की है लेकिन बिक्री रिकॉर्ड नहीं दिखाए हैं। औषधि विभाग की टीम इन फर्माें के पते पर पहुंची तो यह सभी फर्में बंद पाई गईं। औषधि निरीक्षक ने बताया कि इन फर्माें के संचालक के नाम से नोटिस जारी कर लाइसेंस निरस्त करने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
जिले में कोडीन युक्त सिरप का खरीद और बिक्री रिकॉर्ड नहीं दिखाने पर सात फर्माें के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। वहीं अब शहर की तीन और फर्में सामने आई हैं, जिन्होंने कोडीन युक्त सिरप खरीदा है। औषधि विभाग के अनुसार इन फर्माें ने 15 सौ बोतलें जिनकी कीमत करीब 87 हजार रुपये है, जिसे बिना किसी रिकॉर्ड के बेच दिया है।
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टीम ने जब इन फर्माें से संपर्क करने का प्रयास किया तो फर्माें की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। साथ ही इन फर्में के पते पर ताला लगा मिला। जिसके बाद औषधि विभाग की ओर से तीनों फर्माें के लाइसेंस निरस्त को लेकर शासन को लिखा गया है। वहीं इन फर्माें की तलाश की जा रही है।

दर्ज मामलों की क्राइम ब्रांच कर रही जांच

रामपुर। औषधि निरीक्षक ने कोतवाली में लता फार्मास्युटिकल के प्राेपराइटर हर्ष अग्रवाल, टांडा थाना क्षेत्र के करीमपुर गर्वी गांव के अब्दुल कादिर, टांडा के ग्राम परसुपुरा के अहसान नूरी और अजीमनगर थाना क्षेत्र के बजावाला गांव के अनीस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके अलावा शहर के मोहल्ला पक्का बाग में थोक दवा विक्रेता उमर, सलमान और मोहल्ला घेर कलंदर खां में उस्मान के खिलाफ कोडीन युक्त सिरप का बिक्री बिल नहीं दिखाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके अलावा आठ सितंबर को औषधि विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मोरी गेट के पास एक गोदाम से करीब 17 लाख रुपये का कोडीन युक्त सिरप पकड़ा था। जिन पर शहर कोतवाली में तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इन सभी मामलों की जांच क्राइम ब्रांच की ओर से की जा रही है। संवाद
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कोडीन युक्त सिरप की बिक्री को लेकर सत्यापन करने पर सामने आया है कि जिले की तीन फर्मों ने करीब 87 हजार रुपये का सिरप खरीदा था। नोटिस जारी करने के बाद भी फर्मों ने बिक्री का कोई भी रिकॉर्ड नहीं दिखाया। जांच के लिए टीम इन फर्माें के पते पर पहुंची तो वहां पर ताला लगा पाया गया है। फर्म संचालकों की तलाश की जा रही है। साथ ही इन फर्मों का लाइसेंस निरस्त कराने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है। -मुकेश कुमार, औषधि निरीक्षक
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