पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सैदनगर क्षेत्र के लोगों से गांव की सरकार
चुनने में बिलासपुर के ग्रामीण आगे रहे। यही वजह रही कि सैदनगर वोटिंग के
मामले में बिलासपुर से पिछड़ गया। पहले चरण में हुए चुनाव के दौरान
चमरौवा और शाहबाद में हुई हिंसक झड़पों के बाद सैदनगर को बेहद ही संवेदनशील
माना जा रहा था।
इसको लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। राजनीतिक
लिहाज से मजबूत माने जाने वाले इस क्षेत्र में गांव की सरकार चुनने में
बिलासपुर के मुकाबले कम दिलचस्पी दिखी। सैदनगर की 82 ग्राम पंचायतों में
शनिवार को वोटिंग हुई।
सुबह के वक्त तो मतदान को लेकर बूथों पर भीड़ नजर
आई, लेकिन दोपहर होते-होते तमाम मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया।
बिलासपुर के वोटर मतदान को लेकर शुरू से ही स्पीड बनाए रखे। फर्जी वोटिंग
को लेकर दोनों स्थानों पर ही झड़पें होती रहीं।