शाहबाद। तहसील परिसर के सामने स्थित तालाब की भूमि से अवैध कब्जा हटाने को लेकर शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान महंत उमेश दास और एक महिला के विरोध के कारण हंगामा भी हुआ।
हाल ही में अधिवक्ता निधिगोपाल यादव और महंत उमेश दास के बीच आर्थिक लेनदेन को लेकर विवाद सामने आया था। इसी बीच निधिगोपाल ने महंत की तीन मंजिला इमारत के तालाब की जमीन पर होने की शिकायत प्रशासन से की थी। दो सप्ताह पूर्व एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम ने पैमाइश कर तालाब की जद में आ रहे हिस्से की पहचान की थी।
शनिवार शाम नायब तहसीलदार राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ पहुंची टीम ने जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस पर महंत उमेश दास और संजू नामक महिला जेसीबी के सामने खड़े हो गए। उनका कहना था कि उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया।
सूचना पर कोतवाली प्रभारी प्रदीप कुमार अतिरिक्त बल के साथ पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति शांत कराई। बाद में प्रशासन ने तालाब के एक हिस्से को कब्जामुक्त करा लिया। शेष भूमि के संबंध में महंत को अभिलेख प्रस्तुत करने का समय दिया गया है।
लेखपाल पर लगाए गंभीर आरोप
अवैध कब्जे पर चल रही कार्रवाई के दौरान महंत उमेश दास ने हल्का लेखपाल राजकुमार शर्मा पर कार्रवाई न करने के एवज में एक लाख रुपये मांगने के गंभीर आरोप लगाए । वही, हलका लेखपाल राजकुमार शर्मा ने बताया कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। संवाद