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मेहमान पक्षियों के आने की खबर नहीं है वन विभाग को

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रामपुर में गुरुवार को कोसी नदी में विचरण करते विदेशी पक्षी। - फोटो : RAMPUR
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पटवाई। ठंड बढ़ने के साथ ही विदेशी पक्षियों का झुंड नदियों के किनारे डेरा जमाए हुए हैं। इन सुंदर प्रवासी पक्षियों से इलाके की सुंदरता तो बढ़ रही है। वहीं, वो क्षेत्रवासियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पक्षियों के आने की खबर वन विभाग को भी नहीं है। ये विदेशी मेहमान फ्लू के वायरस के वाहक भी हो सकते हैं। इसको लेकर अभी सतर्कता नहीं बरती जा रही है।
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ठिठुरती ठंड में जहां मानव जीवन अस्त-व्यस्त है। वहीं ये ठंड प्रवासी पक्षियों के लिए संजीवनी बनी हुई है। प्रवासी पक्षी सर्दियों में हर साल इस क्षेत्र में आते है और ठंड खत्म होते ही लौट जाते हैं। हजारों की तादात में नदियों के किनारे पिछले कुछ दिनों से यह प्रवासी पक्षी अपना डेरा जमाए हुए हैं। पटवाई क्षेत्र के मदारपुर घाट पर रामगंगा में कोसी नदी का संगम होता है। इन नदियों के बीचोबीच पानी के ठहराव वाले टापू पर घंटों एक साथ बैठकर शिकार करते हैं। प्रवासी पक्षियों के यह झुंड कई जगह ओर देखने को मिल सकते है। प्रवासी पक्षियों का यह झुंड इन दिनों पटवाई के मदारपुर, शाहबाद की रामगंगा, जनपद मुरादाबाद और रामपुर के सीमावर्ती गांव रोंडा-झोंडा के घाट पर देखे जा सकते है। ताज्जुब वाली बात है कि इन प्रवासी पक्षियों से वन विभाग बेखबर है। पशुपालन विभाग की ओर से भी एहतियातन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
यह देखना होगा कि जहां से ये पक्षी आए हैं वहां बर्ड फ्लू तो नहीं फैला है। कई वर्ष पूर्व जब बर्ड फ्लू फैला था तब से रूटीन में पालतू पक्षियों के सैंपल भेजे जाते हैं। इन प्रवासी पक्षियों में तब पता चलता है, जब कई सारे पक्षियों की मौत एक साथ हो जाती है। प्रवासी पक्षियों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सबसे पहले वन विभाग की है
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- डॉ. मोनिका शर्मा, पशु चिकित्साधिकारी, पटवाई केंद्र
अभी प्रवासी पक्षियों के आने जानकारी नहीं है, जानकारी होने पर पता लगाया जाएगा। इन पक्षियों के बारे में कि ये कहां से आए हैं।
- केएस भंडारी, वन रेंजर
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