मिलक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय से छात्राओं के भागने के मामले में आखिरकार कार्रवाई की ठीकरा चौकीदार के सिर पर फोड़ दिया गया है। विभाग ने वार्डन को महज चेतावनी देकर छोड़ दिया, जबकि चौकीदार की सेवा समाप्त कर दी। इस कार्रवाई से सवाल उठने लगे हैं।
मामला मिलक क्षेत्र में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय से जुड़ा हुआ है। आवासीय विद्यालय में रहने वाली छह छात्राएं 18 जुलाई की रात में पानी के पाइप के सहारे उतरकर भाग गई थीं। गनीमत रही कि इन छात्राओं पर कुछ लोगों की नजर एक ढाबे के पास पड़ गई, जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
पुलिस ने इन छात्राओं से पूछताछ की तो इन छात्राओं ने वापस आवासीय विद्यालय की वार्डन के सुपुर्द कर दिया। डीएम ने इस मामले की जांच के लिए एसडीएम मिलक के साथ ही बीएसए को भी जांच सौंप दी। जांच में इन बिंदुओं को शामिल किया गया था कि किस तरह छात्राएं विद्यालय के हास्टल से फरार हुईं और इसके पीछे मुख्य वजह क्या थी।
इतना ही नहीं इस मामले में लापरवाही किसकी रही। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट जिला स्तरीय समिति को सौंपी गई। डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष जांच रिपोर्ट रखी गई, जिसके बाद समिति की बैठक में यह फैसला हुआ कि यहां की वार्डन योगिता ओमप्रकाश को चेतावनी जारी की जाए।
विद्यालय के चौकीदार की संविदा समाप्त करते हुए उसको नौकरी से बर्खास्त किए जाने का फैसला लिया गया। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी एसके तिवारी के मुताबिक इस मामले में वार्डन के कामकाज की समीक्षा की गई, जिसके आधार पर ही चेतावनी जारी की गई। लापरवाही चौकीदार की ज्यादा है।