रामपुर। 12 नवंबर को श्री हरि विष्णु योग निद्रा से जाग जाएंगे। देवोत्थान एकादशी के साथ ही शहनाइयों की गूंज हर जगह सुनाई देगी। इसके लिए बाजार भी तैयार हो गया है। साथ ही होटल, बैंडबाजा और बारातघर बुक हो चुके हैं।
मंगलवार को देवोत्थान एकादशी के साथ ही वैवाहिक कार्यक्रम शुरू हो रहे हैं। शादी वाले घरों में बैंड, बाजा और बारात की तैयारियां जोरों पर की जा रही हैं। मैरिज लॉन बुक हो चुके हैं। सहालग के पहले दिन जिले में 600 से अधिक शादियां होने का अनुमान है। मंगलवार को देवोत्थान के दिन सीजन का पहला और सबसे बड़ा सहालग होने के कारण शहर के मुख्य बाजारों में सोना-चांदी, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्नीचर, बर्तन, फुटवियर, कॉस्मेटिक के अलावा सभी प्रकार के खाद्य पदार्थों जमकर खरीदारी की गई। जिसे देख व्यापारियों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
ज्वालानगर, मिस्टनगंज, आवास विकास, सिविल लाइंस सहित सभी बाजारों के अलावा डायमंड रोड, शौकत अली रोड स्थित ब्रांडेड कंपनियों के शोरूम में खरीदारी का दमदार सिलसिला देखने को मिला। वहीं देवोत्थान एकादशी पर शुभ मुहूर्त होने के कारण जिले भर के मैरिज लॉन पहले से ही बुक हो चुके हैं। शहर में रंगोली मंडप, उत्सव पैलेस सहित अन्य लॉन में शादी विवाह की तैयारी के क्रम में सजावट का सिलसिला चलता रहा। जिले भर में 600 से अधिक शादियां होने का अनुमान लया जा रहा है। देवोत्थान के सबसे बड़े मुहूर्त पर शहर में ही 100 से ज्यादा शादियां होंगी। रंगोली मंडप के अमित मेंदीरत्ता ने बताया इस बार सीजन में अच्छा कारोबार रहने की पूरी उम्मीद है।
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देवोत्थान एकादशी मंगलवार के दिन है। भगवान विष्णु बृहस्पति के स्वामी हैं, उनका इसी दिन जागना शुभ है। अब शादियां हो सकेंगी। -नरेंद्र कुमार मिश्रा, ज्योतिषाचार्य
देवोत्थान एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना होता है शुभ
सनातन धर्म में देवोत्थान एकादशी का व्रत सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेेंद्र कुमार मिश्रा का कहना है कि इस दिन व्रत करने से एक जन्म नहीं, बल्कि कई जन्मों के पापों का नाश होता है। एकादशी पर तुलसी विवाह का आयोजन भी होता है। कहा जाता है कि भगवान विष्णु सबसे पहले तुलसी की ही पुकार सुनते हैं। इसीलिए इस दिन तुलसी पूजन एवं तुलसी विवाह का आयोजन देव जागरण के पवित्र मुहूर्त के रूप में किया जाता है। ज्योतिष की दृष्टि से भी इस दिन का काफी महत्व है।
कार, रथ आदि की जगह घोड़ी पर बैठना पसंद कर रहे दूल्हे
शहर के घोड़ी वाले शहजाद ने बताया कि इस बार बुकिंग अच्छी है। कहा कि घोड़ी की बुकिंग 2100 से लेकर 5100 रुपये में की जा रही है। उन्होंने बताया कि 70 फीसदी से ज्यादा शादियों में घोड़ी तो 10 फीसदी फूलों की बग्घी पसंद की जाती है।
देवोत्थान एकादशी पर होंगे सामूहिक विवाह
रामपुर। देवोत्थान एकादशी के मौके पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत दो हजार जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया जाएगा। फिजिकल काॅलेज के मैदान में होने वाले कार्यक्रम के लिए प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की गई है। इस कार्यक्रम में दो हजार जोड़ों की शादियां कराई जाने की तैयारी की जा रही है।