धार्मिक स्थल पर एक से अधिक लाउडस्पीकर नहीं लग सकेंगे। यदि कहीं आवश्यकता है भी तो इसकी अनुमति जिलाधिकारी के स्तर पर दी जाएगी। विकास भवन सभागार में जिले के तमाम अफसरों की बैठक में मंडलायुक्त राजेश कुमार सिंह ने यह निर्देश जारी किए।
गुरुवार को बैठक में मंडलायुक्त ने कहा कि जिले के विभिन्न धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यन्त्रों के संचालन की अनुमति प्रदान की जाएगी, परन्तु इस दौरान ध्वनि प्रदूषण के मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। मन्दिरों, मस्जिदों, गुरूद्वारों एवं अन्य धार्मिक व सार्वजनिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यन्त्रों के संचालकों को अनुमति मिलने के बाद भी यह सुनिश्चित करना होगा कि वह निर्धारित मानकों के अनुसार ही संचालन कराएं तथा मानकों के उल्लघंन की दशा में उन पर कार्रवाई भी की जाएगी। समीक्षा के दौरान जिले के विभिन्न थानों में तैनात एसओ एवं इंस्पेक्टरों द्वारा बताया गया कि कई लोग नए सिरे से लाउडस्पीकर लगाकर संचालन की अनुमति के लिए आवेदन कर रहे हैं, जिस पर मण्डलायुक्त ने कहा कि थानों में दर्ज रिकार्ड तथा पूर्व से स्थापित लाउडस्पीकरों को ही अनुमति पत्र जारी कराएं।
साथ ही शासन द्वारा समय समय पर जारी किए जाने वाले निर्देशों का भी सख्ती से पालन कराएं। मण्डलायुक्त ने कहा कि सभी एसओ व इंस्पेक्टर अपनी टीम के माध्यम से प्रत्येक ध्वनि विस्तारक यन्त्र के संचालक से मिलें तथा तीव्र ध्वनि से होने वाली स्वास्थ्य सम्बन्धी हानि के कारण और उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के सम्बन्ध में बताएं।
पुलिस उप महानिरीक्षक ओंकार सिंह ने कहा कि वर्तमान में लगे लाउडस्पीकर की क्षमता को ध्यान में रखा जाए तथा जनसामान्य को इसके कारण असुविधा नहीं होनी चाहिए। उच्च न्यायालय द्वारा अत्याधिक तीव्रता वाले लाउडस्पीकरों के संचालन पर प्रतिबन्ध लगाने का एक मात्र उद्देश्य आम जनता को इससे होने वाली समस्याओं से सुरक्षा प्रदान कराना है, इसलिए सभी जिम्मेदार अधिकारी प्राथमिकता के साथ लागू कराएं।
जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने प्रशासनिक स्तर पर उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की स्थिति से मण्डलायुक्त एवं पुलिस उप महानिरीक्षक को अवगत कराया तथा कहा कि समय-समय पर इस सम्बन्ध में दिए गए निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा, पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) उमेश कुमार मंगला, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राम भरत तिवारी, नगर मजिस्ट्रेट ओम प्रकाश तिवारी सहित समस्त उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी आदि उपस्थित रहे।