कई परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर का अभाव, ठंड में चटाई पर बैठकर परीक्षा देने को मजबूर विद्यार्थी
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। परिषदीय स्कूलों में चल रहीं अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं सिर्फ किताबों के विषयों की नहीं हैं...यह परीक्षा है बच्चों के ठंड से लड़ने की, यह परीक्षा है उनकी सहनशक्ति की... यह परिणाम है सुविधाओं के नाम पर किए गए खोखले दावों का। जहां मासूम बच्चे ठिठुरते हुए जमीन पर एक पतली सी दरी पर बैठकर अपना भविष्य लिख रहे हैं। वहीं, व्यवस्थापक हीटर लगे गर्म दफ्तरों में बैठकर जमीनी तैयारियां पूरी होने का दावा दोहराने में व्यस्त हैं।
जिले के कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ दिख रहा है। कई विद्यालयों में बच्चों के बैठने तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। शिक्षक एसआईआर ड्यूटी में व्यस्त होने से कई स्कूलों में एक ही शिक्षक पूरे विद्यालय की परीक्षा ले रहा है।
शुक्रवार सुबह शाहबाद के संविलियन प्राथमिक विद्यालय में परीक्षा के दौरान हालात चिंताजनक दिखे। कुछ बच्चे फर्नीचर न होने के कारण खुले में धूप में बैठकर परीक्षा देते नजर आए। ठंड से बचने के लिए बच्चों को स्वयं इंतजाम करना पड़ा, जबकि स्कूल प्रशासन असहाय दिखा। दूसरी कक्षा में भी बच्चे ठंडी जमीन पर बैठकर कांपते हुए परीक्षा देते रहे।
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बच्चों के कंपकंपा रहे थे हाथ...
स्वार के कई परिषदीय विद्यालयों में बिजली न होने से अंधेरा था और कम रोशनी में ही बच्चे परीक्षा दे रहे थे। कंपोजिट विद्यालय नरपतनगर और प्राथमिक विद्यालय ढूंदावाला में ठिठुरन के कारण बच्चों के हाथ तक कंपकंपा रहे थे। भोट, दढ़ियाल, टांडा और शहर के कई परिषदीय विद्यालयों में भी यही स्थिति देखने को मिली।
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रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं
मिलक के मोहल्ला रौरा कला स्थित प्राथमिक विद्यालय में तीन कक्षाओं में फर्नीचर नहीं है। प्रधानाध्यापिका सुचित्रा शर्मा के अनुसार इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। स्वार क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय मुंशीगंज, नरपतनगर और दूंदावाला में भी बच्चे ठंडे कमरों में बैठकर परीक्षा देते दिखे, जहां पर रोशनी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। कई जगह केवल एक शिक्षक ही पूरी परीक्षा व्यवस्था संभाल रहा था।