सैदनगर। मणिपुर में हुए हादसे में बीएसएफ जवान अंकुल सिंह की मौत के बाद उनका शव रामपुर पहुंचा, जहां होली के दिन राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान एसडीएम मोनिका सिंह और सीओ सिटी जितेंद्र कुमार ने पहुंचकर बीएसएफ जवान को श्रद्धांजलि दी।
कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव जगतपुर का मझरा निवासी वीर सिंह के 22 वर्षीय पुत्र का अंकुल सिंह बीएसफ में जवान थे। उनकी ट्रेनिंग झारखंड में हुई थी। बताया जा रहा है कि फरवरी में इनकी ड्यूटी मणिपुर में लगाई गई थी। काम निपटने के बाद सभी जवान वाहनों से वापस नगालैंड के झादिम जा रहे थे।
मणिपुर के सेनापति जिले के चांगौबंग गांव में वाहन खाई में गिरने से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के तीन जवानों की मौत हो गई थी। 13 अन्य जवान घायल हो गए थे। जगतपुर का मझरा निवासी अंकुल भी घायल हो गए थे। उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। शुक्रवार को तड़के चार बजे जवान का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा।
सुबह नौ बजे पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अविवाहित अंकुल अपने पिता वीर सिंह के साथ रहते थे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि वह आठ दिसंबर को आखिरी दिन घर आए थे। 21 दिसंबर को वापस झारखंड गए थे।