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Rampur News: अनदेखी में ओझल हुई 23 हेक्टेयर में फैली झील

Fri, 11 Apr 2025 01:40 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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शाहबाद (रामपुर)। प्रशासन की अनदेखी के चलते बलुपुरा सैफनी की 23.19 हेक्टेयर में फैली करीब दस किमी लंबी झील का अब नामोनिशान मिट चुका है। विलुप्त हो चुकी झील की जमीन पर किसान कब्जा कर फसल उगा रहे हैं। खास बात यह है कि इस झील का जिक्र वेटलैंड्स की सूची में भी है।
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ग्रामीणों के अनुसार झील सैफनी से शुरू होकर जयतोली तक जाती थी। इस झील की लंबाई करीब 10 किलोमीटर और चौड़ाई 100 मीटर थी। वर्षों पहले झील सूखने पर तहसील प्रशासन ने चारे के लिए लोगों के पट्टे कर दिए थे, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी का नतीजा यह रहा कि आज झील का नामोनिशान तक नहीं है। उस जमीन पर फसलें लहलहा रही हैं। झील की संपूर्ण जमीन पर कब्जे हो चुके हैं। बलुपुरा सैफनी में इस वेटलैंड (नम भूमि) अर्थात झील का जिक्र जिला प्रशासन व वन विभाग को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफ एंड सीसी) से मिली 100 वेटलैंड्स की सूची में है।
लेखपाल राहुल ने बताया कि तहसील क्षेत्र में तीन-चार तालाब जरूर हैं, लेकिन, 23.19 हेक्टेयर के क्षेत्रफल वाली झील बलुपुरा तो क्या पूरी तहसील क्षेत्र में नहीं है। हालांकि, शाहबाद/मिलक के वन रेंजर शिवशंकर यादव ने बलुपुरा में वेटलैंड होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय से प्राप्त सूची में जिन वेटलैंड का जिक्र है, उनकी तलाश शुरू हो गई है। इस सूची में बलुपुरा में बड़े भू-भाग वाले वेटलैंड का भी जिक्र है।
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गांव के आसपास जंगल क्षेत्र को आज भी झील का इलाका कहा जाता है। बलुपुरा और अन्य कई गांवों में सैकड़ों बीघा में झील फैली हुई थी। सुनते हैं कि सूखने के बाद झील पर कब्जे हो गए। अब झील का कहीं भी नामोनिशान नहीं है। उस जमीन पर खेती हो रही है। -हृदयेश कुमार, बलुपुरा

झील की लंबाई करीब 10 किमी और चौड़ाई करीब 100 मीटर थी। झील कई गांव से होती हुई गुजरती थी। 50 साल पहले झील का पानी सूखने पर झील की जमीन पर चारे के लिए पांच साल के लिए पट्टे हुए थे। वर्तमान में इस जमीन पर गेहूं की फसल खड़ी है। -राजकुमार सिंह, बलुपुरा

हमारे बचपन में भी झील हुआ करती थी। सैफनी, मधुपुरी, मोहम्मदनगर, बलुपुरा, किशनपुर, रायपुर होकर जयतोली तक फैली थी। अब हम करीब 42 साल के हो गए हैं और झील का नामोनिशान गायब हो चुका है। -रन सिंह, प्रधान प्रतिनिधि-बलुपुरा

वर्जन
हमें बलुपुरा सैफनी के वेटलैंड की जानकारी नहीं है। अगर कुछ लिखित में आया होगा तो इसकी जांच कराएंगे। यदि वेटलैंड पर कब्जे पाए जाते हैं तो हटवाए जाएंगे। वन विभाग के अधिकारियों को बुलवाकर इसे ट्रैक करेंगे। वेटलैंड को सरंक्षित करेंगे। -हिमांशु उपाध्याय, एसडीएम

वेटलैंड को सरंक्षित को लेकर स्टाफ को राजस्व विभाग से संपर्क करने के लिए कहा है। केंद्रीय मंत्रालय से मिली सेटेलाइट सर्वे की सूची में बलुपुरा में वेटलैंड होने का जिक्र है। इसी वेटलैंड की तलाश कराई जाएगी। -शिवशंकर यादव, वन रेंजर-शाहबाद/मिलक

केंद्रीय मंत्रालय से प्राप्त सूची में बलुपुरा सैफनी वेटलैंड का जिक्र है। रकबा भी दर्ज है। इसके मुताबिक, इस वेटलैंड का रकबा 23.19 हेक्टेयर है। सूची में अंकित सभी 100 वेटलैंड का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए वन विभाग और राजस्व विभाग की टीमों को सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। -प्रणव जैन, डीएफओ
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