रामपुर। जिला अस्पताल में कमीशन के बदले निजी अस्पताल में मरीज भेजने का खेल चल रहा है। दो वार्ड बाॅय लंबे समय से मरीजों को बरेली के निजी अस्पतालों भेजकर मोटा कमीशन उठा रहे थे। जानकारी होने पर सोमवार को हड्डी रोग विशेषज्ञ ने कागज चेक किए तो मामला पकड़ में आया। दोनों वार्ड बॉय के खिलाफ डॉक्टरों ने रिपोर्ट बना ली है, जिसे सीएमएस को सौंपा जाएगा।
जिला अस्पताल के दो वार्ड बॉय मरीजाें को बरेली के निजी अस्पताल में भेजकर कमीशनखोरी कर रहे हैं। सोमवार की शाम करीब छह बजे हड्डी रोग विशेषज्ञ लखवीर सिंह को सूचना लगी तो उन्होंने इमरजेंसी में कागज चेक किए, जिससे पता चला कि मरीजों को दोनों वार्ड बॉय ने डिस्चार्ज कर दिया है और एक निजी एंबुलेंस के जरिये बरेली के निजी अस्पताल में ले गए हैं।
उन्होंने बताया कि जब मरीज जिला अस्पताल में पहुंचते हैं तो उनको कभी डॉक्टर न होना, सर्जन न होने के साथ डॉक्टर के छुट्टी पर जाने का बहाना बनाया जाता है और फिर मरीज को गुमराह करके निजी एंबुलेंस के जरिए बरेली अस्पताल में भेज दिया जाता है और वहां से 25 प्रंतिशत के हिसाब से कमीशन उठाया जाता है। यही नहीं इससे पहले भी इन दो वार्ड बॉय को चेताया जा चुका है, लेकिन वह नहीं माने। मामला पकड़ में आने के बाद अब डॉ. लखवीर अपनी रिपोर्ट सीएमएस को सौपेंगे, जिसके बाद सीएमएस डॉ. बृजेश चंद्र कार्रवाई करेंगे।
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एक दिन पहले सीएमएस ने भी पकड़ा
सीएमएस डॉ. बृजेश बताते हैं कि एक दिन पहले भी उन्होंने मरीजों को एक एंबुलेंस पर वापस जाते देखा था। जिस पर उन्होंने उसको रोक लिया और उनको वापस भर्ती करने के लिए कहा और यहां इलाज में यदि कोई दिक्कत होगी तो नियमपूर्वक रेफर किया जाएगा।
वर्जन:-
मेरे संज्ञान में अभी यह मामला आया है। जबकि इससे पहले मैने भी इस तरह की गतिविधियों को रोका है। डॉ. लखवीर से रिपोर्ट ली जाएगी और उसके बाद वार्ड ब्वाय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बृजेश चंद्र, सीएमएस, रामपुर।