रामपुर। रमजान माह के अलविदा जुमे पर मस्जिदों में अकीदतमंदों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिलेभर में अदब और एहतराम के साथ अलविदा जुमे की नमाज अदा की गई।
शुक्रवार को सुबह से ही लोग जामा मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए पहुंचने लगे। जामा मस्जिद समेत शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में नमाजियों ने नमाज-ए-जुमा अदा कर मुल्क में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जामा मस्जिद के आसपास पुलिस फोर्स तैनात रही।
जामा मस्जिद में नायब इमाम मौलाना मोहम्मद फैजान खां ने तकरीर करते हुए कहा कि सभी मुसलमानों पर रोजों का सदका-ए-फितर अदा करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सदका-ए-फितर की रकम 55 रुपये तय की गई है। इसके साथ ही रमजान में जकात निकालना भी बड़ा सवाब है।
काजी-ए-शहर मौलाना सैयद खुशनूद मियां कादरी ने कहा कि अल्लाह ने रमजान के आखिरी अशरे में शब-ए-कद्र रखी है, जो हजार महीनों से बेहतर रात है। उन्होंने कहा कि हर मुसलमान को चाहिए कि वह रमजान के आखिरी दिनों में ज्यादा से ज्यादा इबादत कर शब-ए-कद्र की तलाश करे। इसके बाद देश में अमन, भाईचारा और खुशहाली के लिए दुआएं मांगी गईं। सुरक्षा को लेकर मस्जिदों के आसपास काफी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।