रामपुर। जिले के पिपली वन सहित कई वन क्षेत्रों में वन माफिया का आतंक बना हुआ है। आए दिन वन कर्मियों के साथ फायरिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। वन विभाग के पास सुरक्षा के लिए पर्याप्त आधुनिक हथियार नहीं हैं। इसे देखते हुए डीएफओ ने शासन को पत्र भेजकर पांच राइफल, तीन पिस्टल और 15 वायरलेस सेट उपलब्ध कराने की मांग की है। विभाग को तीन वायरलेस सेट और कैमरे मिल चुके हैं।
जिले में पिछले एक वर्ष में वन कर्मियों और तस्करों के बीच 15 से अधिक बार मुठभेड़ हो चुकी है। स्वार और उत्तराखंड सीमा से लगे वन क्षेत्रों में वन तस्करी की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। आधुनिक उपकरणों की कमी के कारण कई बार वन कर्मियों को मुठभेड़ के दौरान पीछे हटना पड़ता है। अधिकांश मामलों में तस्कर वन कर्मियों पर हावी रहे हैं।
इसे देखते हुए डीएफओ ने शासन को पत्र लिखकर आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है। वन विभाग को तीन वायरलेस सेट और तीन बड़े कैमरे मिल चुके हैं। इनमें से एक कैमरा स्वार क्षेत्र में लगाया गया है, जिससे ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है।
डीएफओ प्रणव जैन ने बताया कि वन क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत करने के लिए शासन से राइफल, पिस्टल और वायरलेस सेट की मांग भेजी गई है। विभाग को तीन वायरलेस सेट प्राप्त हो चुके हैं। इसके अलावा जंगल की निगरानी के लिए हाईमास्ट कैमरे भी मिल गए हैं।