रामपुर। जिले में बिजली चोरी रोकने और बिजली की खपत पर नजर रखने के लिए बिजली विभाग की ओर से करीब 3500 ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर) लगाए जा रहे हैं। इससे प्रत्येक ट्रांसफार्मर से जुड़े बिजली के कनेक्शन पर हो रही बिजली खपत और आपूर्ति का पता लगाया जा सकेगा। जिले में अब तक करीब 10 फीसदी ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर लगाए जा चुके हैं।
बिजली चोरी व लाइन लॉस की जानकारी डीटी मीटर लग जाने से बिजली चोरी व लाइन लॉस दोनों की जानकारी विभाग को मिलेगी। ट्रांसफार्मर पर लगे डीटी मीटर की जांच करने पर अधिकारियों को पता चल जाएगा कि ट्रांसफार्मर ने फीडर से कितनी सप्लाई प्राप्त की। ट्रांसफार्मर से जुड़े वैध कनेक्शन में कितनी खपत हुई। अवैध कनेक्शनों के रूप में कितनी बिजली चोरी हुई। डीटी मीटर से ट्रांसफार्मर कितना ओवरलोड चल रहा है, इसकी भी जानकारी मिलेगी।
ट्रांसफार्मर का मेंटेनेंस भी आसान हो जाएगा। इसके बाद विभाग को बिजली चोरी पर कार्रवाई में आसानी होगी। ट्रांसफार्मर से बिजली खपत की जानकारी मिलेगी। डीटी मीटर से उपभोक्ताओं के घरों में हो रही बिजली खपत पर भी नजर रखी जा सकेगी।
छापेमारी और कार्रवाई के बाद भी शहर में बिजली चोरी हो रही है। डीटी मीटर के लग जाने से कंपनी के साथ-साथ बिजली उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। साथ ही लाइन लॉस भी कम होगा। डीटी मीटर लगने के बाद बिजली चोरों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
- पीके शर्मा, अधिशासी अभियंता