रामपुर। सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। सपा नेता आजम खां के अधिवक्ताओं की ओर से दायर याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 15 जुलाई की तारीख निर्धारित की गई है।
अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने 23 मई को फैसला सुनाया था। कोर्ट ने सरकार की अपील मंजूर करते हुए आजम खां की सजा सात वर्ष से बढ़ाकर 10 वर्ष कर दी थी। साथ ही उन पर लगाया गया 50 हजार रुपये का जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया था।
हालांकि, अब्दुल्ला आजम को राहत मिली थी। उनकी सात साल की सजा बरकरार रखी गई, लेकिन जुर्माने की राशि 50 हजार रुपये से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी गई थी। यानी जुर्माने में साढ़े तीन लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई थी।
सजा बढ़ाए जाने के एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के फैसले को अब हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अधिवक्ता नासिर सुल्तान के मुताबिक, आजम खां की ओर से उनके अधिवक्ता ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई चल रही है और 15 जुलाई को अगली सुनवाई होगी।
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मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सुनाई थी सात साल की सजा
रामपुर। नवंबर 2025 में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम दोनों को सात-सात साल की कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। फैसले के बाद बचाव पक्ष ने सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी, जबकि अभियोजन पक्ष ने सजा बढ़ाने की मांग को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील की थी। संवाद