केमरी (रामपुर)। गांव गंगापुर कदीम निवासी दानिश के बेटे बिलाल की हत्या उसके पड़ोस में रहने वाले रिश्ते के चाचा ने दुष्कर्म का विरोध करने पर बहनों और ताई के साथ मिलकर उस्तरे से गला काटकर की थी। हत्या के बाद शव बोरे में भरकर नाले में फेंक दिया था। शनिवार को पुलिस ने चारों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त उस्तरा व अन्य सामान बरामद कर लिया है।
थाना क्षेत्र के गांव गंगापुर कदीम निवासी दानिश के बेटे बिलाल को दो माह पहले घर के बाहर खेलते हुए अगवा कर लिया था। दूसरे दिन की सुबह बालक का अधजला शव गांव के ही एक नाले में कट्टे से ढका मिला था। बालक के दादा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। शनिवार को पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले एक किशोर के साथ ही उसकी बहन साजिया, ताई हुस्न बानों व ताई की लड़की साहिबा के नाम प्रकाश में आने पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष हिमांशु चौहान ने बताया कि पूछताछ के दौरान किशोर ने अपने घर में बालक से कुकर्म के प्रयास के दौरान विरोध करने पर अपनी बहन, ताई व ताई की बेटी के साथ मिलकर हत्या करने का जुर्म कबूला है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त उस्तरा, छुरा, शॉल व खून से सनी कमीज बरामद कर लिया है।
बहन ने दबाया मुंह, ताई व उसकी बेटी ने पकड़े हाथ-पैर
पूछताछ के दौरान आरोपी किशोर ने बताया कि कुकर्म का विरोध करने पर उसने बालक को उस्तरा दिखाते हुए शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह शांत नहीं हुआ तो उस्तरे से गर्दन काट दी। बिलाल की तेज चीख को सुनकर बहन साजिया भी कमरे में आ गई। बालक को छटपटाते देख उसकी बहन, ताई हुस्न बानो व साहिबा को उनके घर से बुला लाई। तब तक बालक जिंदा था और उसकी सांसे चल रही थी। तभी उसकी ताई तथा दोनों बहनों ने कहा कि इसको अब जिंदा रखना ठीक नही हैं। यह बच गया तो हम सब फंस जाएंगे। इसके बाद बहन साजिया ने बालक का मुंह दबाए रखा और ताई हुस्न बानो व ताई की बेटी साहिबा ने बालक के हाथ-पैर पकड़ लिए और दो तीन उस्तरे के वार गर्दन पर कर बालक की हत्या कर दी।
लाश को जलाने का किया प्रयास, बदबू आने पर बुझाई आग
बालक की बेरहमी से हत्या के बाद चारों आरोपियों ने बालक के शव ठिकाने लगाने के लिए शव को शाल में लपेटकर खाली चावल के बोरे में भरने का प्रयास किया लेकिन शव के बोरे में न आने पर आरोपियों ने घर में रखे छुरे की मदद से शव को दो टुकड़ों में कर लिया। इसके बाद चारों आरोपियों पहले शव को बोरे में भरकर कूड़े के साथ फेंकने के प्लान को बदलते हुए शव को जला कर नष्ट करने का प्लान बनाया । सर्दी का मौसम के चलते आग तापने के बहाने बिलाल की लाश को जलाने पर सहमति बनते ही बालक के कपड़े,जूते व शव के दोनों भाग एक के उपर एक रखकर जलाने शुरू कर दिये और ठंड मे जिस तरह आग तापते हैं उसी तरह आग के चारों ओर बैठक आग तापने का बहाना करने लगे।थोड़ी ही देर बाद शव के जलते की बदूबू आने पर पानी डालकर आग बुझा दी व उसकी बहन जले हुए शव को बोरे में भरकर कूड़ा फेंकने के बहान से नाले में फेंक आई ।
एक दिन पहले भी कर चुका था कुकर्म का प्रयास
पूछताछ के दौरान ताई व बहनों के साथ गिरफ्तार किये गए किशोर ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में ही घर होने व दूर का रिश्ता होने के कारण बालक का उनके घर ज्यादा आना जाना था। जिस कारण व उनसे ही ज्यादा घुला मिला भी था। एक दिन पूर्व भी बालक उसके साथ सोया था और उसने रात में कुकर्म का प्रयास भी किया था तो वह रोने लगा। दो बार फिर प्रयास किया तो बालक उठकर रोने लगा। अगले दिन बालक के अपनी दादी व बुआ के साथ घर चले जाने पर वह अपने कुकर्म करने के मकसद में कामयाब नहीं हो पाया था।