एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में हुआ दर्ज, 35 लाख रुपये की लागत से 20 फरवरी 2023 को बनकर हुआ था तैयार
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर। फिल्मों में आपने रामपुरी चाकू के डायलॉग बहुत सुने होंगे। रामपुर के चाकू चौक पर लगे 20 फीट लंबे चाकू को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है। इसका नाम एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में सात जनवरी 2026 को दर्ज हुआ है। रविवार को इसका सर्टिफिकेट रामपुर पहुंचा।
रामपुर के अफशान रजा खान ने 2022 में दुनिया का सबसे बड़ा चाकू बनाया था। 2023 में इसका उद्घाटन हुआ था। तब से जौहर चौक का नाम चाकू चौराहा हो गया है। इसकी लंबाई 20 फीट और चौड़ाई तीन फीट है। चाकू को स्टील, ब्रास और दूसरे खास किस्म के मेटल्स से बनाया गया है।
इसमें रबर स्टील जोकि शॉक प्रूफ स्टील होता है, से बनाया गया है, ताकि आपदा के समय इस पर कोई असर न पड़े। न तो इसमें जंक लगेगी और ना ही इस की चमक फीकी पड़ेगी, न ही इस पर मौसम का कोई असर होगा। इसका वजन 8.5 क्विंटल है।
आर्टिज्म स्टूडियो-13 के अफशान खान ने बताया कि सात जनवरी 2026 को इस चाकू को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल गई है। एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में इसका नाम दर्ज होना रामपुर के लिए गर्व की बात है। रविवार को इसका सर्टिफिकेट आ गया है। सोमवार को उन्होंने इसे डीएम अजय कुमार द्विवेदी के सामने पेश किया।
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यह लिखा है प्रमाण पत्र में
उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी कलाकार अफशान रजा खान ने सबसे बड़े खंजर की स्थापना का रिकॉर्ड बनाया है। 2022 में, आर्टिज्म स्टूडियो-13 के संस्थापक अफशान रजा खान ने प्रतिष्ठित रामपुरी चाकू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विश्व का सबसे बड़ा खंजर बनाया। 20 फीट ऊंची यह विशाल मूर्ति चाकू चौक के नाम से प्रसिद्ध एक पहचान बन गई है। सात जनवरी, 2026 को पुष्टि की गई कि इस स्थापना का उद्देश्य रचनात्मकता और नवाचार की सीमाओं को आगे बढ़ाते हुए सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना था।