अजीमनगर थाना क्षेत्र के हरैटा गांव के रहने वाले समीउल्लाह को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से गिरफ्तार किए जाने के बाद पुलिस और खुफियातंत्र अलर्ट हो गया है। पुलिस और एजेंसियों की नजर समीउल्लाह के करीबियों पर टिकी है। पुलिस उसका नेटवर्क तलाशने में जुट गई है।
खुफियातंत्र उसके साथियों से समी की गतिविधियों का पता लगाने जुटा है। देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में गिरफ्तार समीउल्लाह उर्फ अब्द्ुल समी कुछ साल से दिल्ली में रह रहा था। उसका अपने गांव आना जाना था। क्षेत्र के कई लोगों से भी वो संपर्क में था।
राजनीतिक दलों के कई नेताओं के साथ उसके अच्छे संबंध थे। कई नेताओं का चुनाव प्रचार भी उसने किया है। संडीला में एसटीएफ की मदद से एनआईए की ओर से गिरफ्तार किए जाने से कुछ दिन पहले समीउल्लाह अपने गांव आया था।
स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां ये पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसका किस-किस से संपर्क था। खुफिया तंत्र की एक टीम ने हरैटा गांव पहुंचकर परिवार के लोगों से समीउल्लाह की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
गांव में भी समीउल्लाह के करीबियों से उसकी गतिविधियों के बारे में पूछा। अजीमनगर पुलिस के साथ ही जिले की अन्य पुलिस की टीम भी इधर-उधर जानकारी जुटाती रही। पुलिस सूत्रों के अनुसार समीउल्ला का आपराधिक रिकार्ड भी तलाश किया जा रहा है।
एनआईए के निशाने पर आने के बाद समीउल्लाह के घर पर उसके करीबियों और दोस्तों का तांता लगा हुआ है। समी के घर पर दिनभर गहमागहमी रही। परिवर के लोग समी को झूठा फंसाने की बात कर रहे हैं। वो गांव में रहकर 15 साल पहले से जामिया अबु वकर सिद्दीकी नाम से मदरसा चला रहा था।
कुछ साल पहले मदरसा बंद कर दिल्ली चला गया था। अब मदरसा उसका भाई चला रहा है। समीउल्लाह के खिलाफ चुनावी रंजिश में घर में घुसकर मारपीट करने का मामला 2007 में अजीमनगर थाने में दर्ज हुआ था। पुलिस ने विवेचना के दौरान समीउल्लाह का नाम निकाल दिया था। ये मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है।
2007 में हरैटा गांव निवासी अजीम पुत्र मंजूर आलम ने रिपोर्ट लिखाई थी कि समीउल्लाह ने साथियों के साथ उसके घर में घुसकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। विवेचना के दौरान दिल्ली के एक कांग्रेसी नेता की सिफारिश पर पुलिस ने उसका नाम मुकदमे से निकाल दिया था।