शहर कोतवाली क्षेत्र के भैंसखाना मोहल्ले के एक समुदाय के लोगों ने मंगलवार को सिटी मजिस्ट्रेट के सामने 36 साल पहले हुए समझौते का रिकार्ड पेश किया। साथ ही दावा किया कि उक्त विवादित स्थल पर 35 साल से होलिका दहन किया जाता रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने नागरिकों से दो दिन का वक्त मांगते हुए इस विवाद के निस्तारण का भरोसा दिया है। भैंसखाना मोहल्ले में एक जमीन को लेकर विवाद है। एक समुदाय के लोगों ने उक्त जमीन को अपना बताते हुए इस पर हदबंदी कर दी है, जबकि दूसरे समुदाय के लोग इस जमीन को अपना बताते हुए इसे होलिका दहन स्थल बता रहे हैं।
इस मुद्दे को लेकर सोमवार को दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए हैं। ये मुद्दा लगातार गर्मा रहा है। मंगलवार को भैंसखाना मोहल्ले के एक समुदाय के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात की। सिटी मजिस्ट्रेट के सामने इस जमीन पर 35 साल पहले प्रशासन और मोहल्ले के दो पक्षों के बीच हुए समझौते की प्रति पेश की।
इस समझौते पर तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी के साथ ही कई अन्य लोगों के हस्ताक्षर हैं। 1980 में हुए समझौते की प्रति पेश करते हुए कहा कि उक्त जमीन पर होलिका दहन हो रहा है। उक्त लोग जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट ने भरोसा दिया कि दो दिन के भीतर इस विवाद को निपटा दिया जाएगा।
इस मौके पर भाजपा नेता जुगेश अरोड़ा कुक्कू, संजय नरुला, विपिन कुमार, कमलेश, ओमवती, मनोज भाटिया, पीयूष चौधरी, नमिता देवी, शुभम शर्मा, जुगनु, देवी लाल, अनीता, जानकी, सोनू शर्मा आदि मौजूद रहे।