पूर्व नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तलाक मामले में बेजा हस्तक्षेप न करें। तलाक के मसले पर मुसलमान कुरान और शरीयत का हुक्म मानने को बाध्य हैं। वे शनिवार की रात मोहल्ला पड़ाव में सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मोदी जी पहले उस महिला का हिसाब करें जिसके साथ उन्होंने सात फेरे लिए हैं,बाद में मुस्लिम महिलाओं की फिक्र करें। देश की मोदी और योगी सरकार मुसलमानों को इतना न सताए कि मुसलमान यह पूछने पर मजबूर हो जाएं कि आखिर वह कहाँ जाएं । उन्होंने कहा कि दादरी कांड के बाद जब उन्होंने यूएनओ को चिठ्ठी लिखी तो कई सवाल खड़े हो गये थे।इतना जुल्म न करो कि हमें यूएनओ के दरवाजे पर जाकर दस्तक देना पड़े। उन्होंने कहा कि आज देश में अराजकता का माहौल है। गोरक्षा के नाम पर बेगुनाह मुसलमानों का कत्ल किया जा रहा है।
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उन्होंने योगी सरकार के एक केबिनेट मंत्री द्वारा तलाक मामले पर दिए गए विवादित बयान के बारे में कहा कि एक घटिया आदमी ही ऐसी घटिया बात कह सकता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने वक्फ की आराजी पर स्कूल-कालेज बनवाए हैं, कोई शराब खाने या तवायफ घर नहीं बनवाए। उन्होंने मुख्तार अब्बास नकवी, सैयद एजाज नकवी और शिया धर्म गुरु कल्बे जव्वाद पर निशाना साधते हुए कहा कि यह लोग हमारे स्कूल कालेज के पीछे पड़े हुए हैं।
हमने जनपद में कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए सख्ती बरती।आज रामपुर में अपराध चरम पर हैं। उन्होंने कहा कि नई जेल की तामीर इसलिए रोक दी गई क्योंकि स्थानीय मंत्री ने जेल की भूमि पर अपनी आलीशान कोठी बना रखी है।उन्होंने कहा कि लालपुर पुल की तामीर मौजूदा सरकार ने फिलहाल रोक दी है।जैसे भी संभव होगा उसकी तामीर कराई जाएगी।