रामपुर। टैक्स अधिवक्ता अजीम इकबाल खां का मंगलवार को दोपहर में निधन हो गया। उनका निधन ब्रेन हेमरेज से होना बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि अधिवक्ता की पत्नी की बीएलओ में ड्यूटी थी। वह इसे कटवाने को लेकर अफसरों के चक्कर काट रहे थे लेकिन ड्यूटी नहीं काटी गई। जिसके बाद वह तनाव में आ गए थे। उनकी ब्रेन हेमरेज से मौत हो गई। उधर प्रशासन ने इस बात से इन्कार किया है।
शहर कोतवाली के सामने रहने वाले अधिवक्ता अजीम इकबाल खां के परिजनों के अनुसार दोपहर के वक्त अधिवक्ता की पत्नी यासरा जमाल बीएलओ की ड्यूटी पर अजीतपुर गई थीं। उनके साथ अधिवक्ता भी गए थे, जहां अचानक अधिवक्ता की हालत बिगड़ गई। उन्हें एक निजी अस्पताल ले जाया गया,जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अजीम इकबाल के भाई मौलाना यासीन का आरोप है कि उनकी भाभी की बीएलओ में ड्यूटी लगाई गई थी,जिसको कटवाने के लिए पिछले दो माह से उनकी भाभी व भाई चक्कर काट रहे थे लेकिन ड्यूटी नहीं काटी गई।
उनका आरोप है कि एसडीएम ने ड्यूटी नहीं काटी और निलंबित करने व रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दी। उनकी भाभी की भी तबियत खराब चल रही है। भाई अजीम की ओपन हार्ट सर्जरी दिल्ली में हुई थी।
वहीं का इलाज भी चल रहा था। भाभी को भाई को दिखाने के लिए दिल्ली जाना था। इसी तनाव के कारण उनकी मौत हो गई। उधर, टैक्स बार व बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई।