रामपुर में गुरुवार को पत्रकारवार्ता करते इंजीनियर फारूख खां।
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मदरसा कोहना कब्रिस्तान प्रकरण में जेल में बंद बसपा नेता डा. तनवीर अहमद खां के परिवार के लोग पुलिस से खौफजदा हैं। उन्होंने रुंधी आवाज में अपने मन की पीड़ा बयां की। बोले- कैबिनेट मंत्री आजम खां बसपा नेता डा. तनवीर और डा. महमूद पर जुल्म करा रहे हैं। डा. तनवीर तो कब्रिस्तान से मिट्टी उठाने का विरोध करने गए थे।
मंत्री पर आरोप लगाया कि उनके कहने पर पुलिस ने मिट्टी उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उल्टे डा. तनवीर अहमद और डा. महमूद अहमद पर झूठी रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया। जेल प्रशासन ने दोनों की मुलाकात पर पाबंदी लगा दी। बोले, न्याय पाने को मानवाधिकार आयोग की शरण लेंगे।
बसपा नेता डा. तनवीर अहमद खां के परिवार वालों ने बृहस्पतिवार को मीडिया वालों के सामने अपना दर्द बयां किया। डा. तनवीर अहमद के भाई इंजीनियर फारूख अहमद खां रुआंसे होकर बोले - आखिर उन्होंने किसी का क्या बिगाड़ा है। उनके भाई तो गरीबों के हमदर्द हैं। पूरा शहर जानता है कि मदरसा कोहना के कब्रिस्तान की खुदाई कई दिन से आजम खां ही अपने ठेकेदारों से करा रहे थे। आजम खां ने ही कब्रिस्तान की मिट्टी उठवाकर यूनिवर्सिटी और
एक तालीमी इदारे में पहुंचा दी। मंत्री आजम खां पुलिस से उनके भाइयों पर जुल्म करा रहे हैं। डा. तनवीर तो कब्रिस्तान की मिट्टी उठाने का विरोध करने गए थे। लेकिन, आजम के कहने पर पुलिस ने कब्रिस्तान से मिट्टी उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उल्टे डा. तनवीर और डा. महमूद को झूठा मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
इससे पहले भी वाल्मीकि बस्ती प्रकरण में मंत्री के इशारे पर डा, तनवीर अहमद को जेल भेज दिया था। कहा कि पुलिस से उनके भाइयों और उनके परिवार वालों की जान को खतरा है।
आरोप लगाया कि जेल प्रशासन ने डा. तनवीर अहमद और डा. महमूद अहमद की मुलाकात पर पाबंदी लगा दी है।
जेल में भी उन पर जुल्म हो रहा है। जेल प्रशासन ने अभी तक डा. तनवीर का मेडिकल भी नहीं कराया है। जबकि उनके कंधे में फ्रैक्चर हो गया है। परिवार वालों ने कहा कि जिला प्रशासन से उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं है। इसलिए वह मानवाधिकार आयोग से लेकर उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाएंगे।