रामपुर। जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक बेहतर बनाएं जाने एवं डोर- टू -डोर सर्वे और नियमित मॉनिटरिंग की कार्रवाई को तेज करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार पूर्वक समीक्षा की तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि जनपद में ऐसी दुकानें जहां गुटका एवं तंबाकू का विक्रय किया जाता है, वहां नियमानुसार धूम्रपान के दुष्प्रभाव से संबंधित चेतावनी बोर्ड लगा होना अनिवार्य है, इसलिए अधिकारी विशेष अभियान चलाकर जिले की ऐसी दुकान के विरुद्ध कार्रवाई करें, जहां चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया है। आशाओं के भुगतान के संबंध में बेहतर प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित अन्य स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारीगण ऐसी व्यवस्था बनाएं, जिसमें आशाओं को मिलने वाली धनराशि का समय से भुगतान होना चाहिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि बेहतर कार्य करने वाली आशाओं को प्रोत्साहित किया जाए तथा लापरवाही बरतने वाली आशा कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई भी होनी चाहिए। कोरोना वायरस के संक्रमण के दृष्टिगत जनपद में सैंपलिंग और डाटा फीडिंग सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि डाटा फीडिंग में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
संस्थागत प्रसव के संबंध में महिलाओं को मिलने वाली धनराशि के भुगतान के बारे में उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी इसके प्रति गंभीर रवैया अपनाएं तथा नियमानुसार निर्धारित समय अवधि के भीतर ही महिलाओं के खातों में धनराशि का हस्तांतरण हो जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जनपद में चिह्नित टीबी रोगियों की भी नियमित रूप से मानिटरिंग होनी चाहिए तथा अन्य रोगियों के चिन्हीकरण के लिए जिला क्षय रोग अधिकारी अपनी टीम को लगातार सक्रिय बनाए रखें। संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बनाए रखने के लिए उन्होंने सीएमएस को निर्देशित किया तथा कहा कि सभी जरूरी दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ ही नियमित रूप से सैनिटाइजेशन सहित अन्य जरूरी सावधानियां बरती जाएं। मुख्य विकास अधिकारी गजल भारद्वाज ने कहा कि आशाओं को यह जिम्मेदारी सौंपे कि वे गर्भवती महिलाओं के आधार कार्ड एवं खाता खोलने संबंधी सभी कार्यवाहियों में उनको सहयोग प्रदान करें। इसके लिए सभी स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी और खंड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी महीने में एक दिन निर्धारित करें, जिस दिन बैठक करके आशाओं एवं अन्य ग्रामीण स्तर पर कार्यरत कार्मिकों की समस्याओं का निराकरण कराएं, ताकि जमीनी स्तर पर योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हो सकें तथा शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को पात्रता के आधार पर लाभान्वित किया जा सके।