लंदन के रहने वाले बुजुर्ग रिटायर्ड इंजीनियर का दिल रामपुर में बसता है। देश और शहर तो छूटा लेकिन, इस इंजीनियर के दिल से रामपुर के गरीब मेधावी बच्चों के जीवन में शिक्षा की ज्योति जलाने का जज्बा नहीं छूट पाया।
इसीलिए वह पिछले 18 साल से लगातार हर साल शहर के मेधावी बच्चों को इंजीनियर, आईएएस व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते आ रहे हैं। इस पर होने वाला पूरा खर्च वह खुद उठाते हैं। इसे लोग रामपुर का ‘सुपर थर्टी’ बता रहे हैं।
शहर निवासी डा. अहमद अली खां नवाब के समय में चीफ मेडिकल अफसर थे, और 1930 में लंदन में जाकर बस गए। उनके बेटे इंजीनियर इकबाल महमूद खां का जन्म भी लंदन में ही हुआ लेकिन, देश की माटी की खुशबू से वह अलग न हो सके। रिटायर्ड होने के बाद इकबाल महमूद ने 1999 में ठाना कि वह रामपुर शहर के गरीब मेधावी बच्चों को भी अपनी तरह इंजीनियर बनाएंगे। इसके लिए वह लंदन में मई-जून के सर्द मौसम को छोड़कर हर साल तपिश भरी गर्मी में रामपुर आते रहे और बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा, छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी के लिए क्लासेज का संचालन करते आ रहे हैं।