कुपोषण के खिलाफ जंग की शुरुआत करते हुए जिले भर में शनिवार को सुपोषण मेले का आयोजन किया गया। मेला जिला अस्पताल समेत जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित किया गया। जिला अस्पताल में सुपोषण मेले का उद्घाटन डीएम ने किया।
जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने जिला अस्पताल में दोपहर के वक्त फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर सुपोषण मेले का आरंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं को पोषण से भरपूर विभिन्न प्रकार के फलों की डलिया भेंट की। बच्चों का अन्नप्राशन भी किया।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने तथा समय-समय पर आवश्यक जांच अवश्य कराने के लिए कहा। भोजन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व भरपूर मात्रा में लेने की सीख दी। कहा कि मां का स्वास्थ्य उसके बच्चे के शारीरिक एवं मानसिक विकास को निर्धारित करता है इसलिए प्रत्येक मां का यह कर्तव्य है कि वह अपने बच्चों के बेहतर विकास के लिए गर्भधारण के दौरान अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखें।
मेले में गर्भवती महिलाओं की विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण के साथ ही पैथोलॉजी व अन्य जांच की गईं। बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया गया। इस दौरान डीएम ने जिला अस्पताल में संचालित एनआरसी को अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया।
मुख्य विकास अधिकारी शिवेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य का पेयजल से सीधा संबंध है, क्योंकि अनेक प्रकार की संक्रमित बीमारियां दूषित जल से ही होती हैं। इसलिए स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करना भी संबंधित विभाग की जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास होता है। इस अवसर पर सीएमओ डा. सुबोध कुमार शर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश आदि मौजूद रहे।