शाहबाद। समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता मंगलवार को सुमैया राणा संभल जाने की जिद अड़ गईं। सोमवार को पुलिस उन्हें भोट क्षेत्र के गांव तालकपुर से बरेली बॉर्डर तक छोड़ आई थी लेकिन, वह मंगलवार को फिर संभल जाने की फिराक में थीं। उन्होंने पुलिस की नजर से बचकर बरेली से आंवला और शाहबाद होते हुए संभल जाने की योजना बनाई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें शाहबाद में ही रोक लिया। वह देर रात तक शाहबाद में ही हाजी सलीम कुरैशी के आवास पर रुकी रहीं और घर के बाहर खड़ी पुलिस उनकी निगरानी करती रही।
मंगलवार शाम 7:15 बजे सीओ संगम कुमार और कोतवाल पंकज पंत को सूचना मिली कि सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा बरेली की ओर से आ रही हैं और वह संभल जाएंगी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रामपुर चौराहे पर डेरा डाल दिया। यहां काफी संख्या में फोर्स लग गई थी, कुछ देर बाद उनकी गाड़ी आते ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया और आगे जाने का वजह पूछी।
पुलिस की पूछताछ में सपा नेता सुमैया ने शाहबाद में अपने परिचितों के यहां जाने के हवाला दिया। लेकिन उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह संभल जा रही हैं। उन्होंने कहा कि संभल प्रकरण एक सोची समझी हुई साजिश थी। एक विशेष समुदाय के लोगों को टारगेट किया गया है। संभल में पांच लोगों की मौत के बाद वह उनके परिवार के बीच हमदर्दी बतौर जा रही थीं। लेकिन, पुलिस उन्हें रोक लिया है। उन्होंने कहा कि या तो पुलिस उन्हें जेल भेज दे, या फिर संभल भेज दे।
समाचार लिखे जाने तक सुमैया राणा शाहबाद में हाजी सलीम कुरैशी के आवास पर मौजूद थीं। जबकि पुलिस भी वहीं पर खड़ी होकर उनकी निगरानी कर रही थी।