रामपुर। जनपद में गन्ने का पेराई सत्र नवंबर के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। पेराई सत्र को लेकर गन्ना विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में इस बार करीब 40 हजार किसान गन्ना चीनी मिलों को आपूर्ति करेंगे। जनपद में वर्तमान में 29,600 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती हो रही है। पिछले साल की तुलना में इस बार गन्ने का रकबा करीब 1,400 हेक्टेयर कम हुआ है। इस बार क्रय केंद्रों से चीनी मिल तक गन्ना पहुंचाने वाले सभी वाहनों में ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) डिवाइस लगेगी, जिससे उनकी 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी।
पिछले वर्ष 2025 के पेराई सत्र में जिले की तीनों चीनी मिलों ने कुल 105.03 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस बार भी किसानों को समय से गन्ना आपूर्ति और खरीद की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके लिए जिले में कुल 85 गन्ना क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों से गन्ने की खरीद की जाएगी। विभाग की ओर से क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाओं के साथ ही गन्ना ढुलाई में लगे वाहनों की निगरानी की व्यवस्था भी की जा रही है। गन्ना क्रय केंद्र से चीनी मिल तक गन्ना लेकर जाने वाले वाहनों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा। इससे वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी और गन्ने की ढुलाई में होने वाली अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। पेराई सत्र को लेकर विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
मुख्यालय से 24 घंटे होगी वाहनों की निगरानी
रामपुर। पेराई सत्र के दौरान गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिल तक गन्ना पहुंचाने वाले वाहनों की जीपीएस के माध्यम से निगरानी की जाएगी। विभाग की ओर से इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। वाहनों को जीपीएस से जोड़ने के बाद उनकी लोकेशन की जानकारी लगातार मिलती रहेगी। इसके लिए मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा। यहां से 24 घंटे वाहनों की निगरानी की जाएगी। वाहन निर्धारित मार्ग से हटता है या अनावश्यक रूप से कहीं रुकता है तो इसकी जानकारी विभाग को मिल सकेगी। इससे गन्ने की ढुलाई में पारदर्शिता बढ़ेगी और क्रय केंद्र से मिल तक गन्ना पहुंचने की प्रक्रिया पर विभाग की सीधी नजर रहेगी।
पर्ची की सूचना पर रहेगी किसानों की नजर
रामपुर। पेराई सत्र के दौरान किसानों के लिए गन्ना पर्ची की सूचना महत्वपूर्ण रहेगी। पर्ची जारी होने के बाद किसान निर्धारित तिथि पर ही क्रय केंद्र पर गन्ना लेकर पहुंचेंगे। विभाग की ओर से किसानों को पर्ची और तौल संबंधी जानकारी समय से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। किसानों को सलाह दी जा रही है कि वह मोबाइल पर आने वाले संदेशों को नियमित रूप से देखते रहें। किसी तरह की समस्या होने पर संबंधित गन्ना अधिकारी या समिति से संपर्क कर सकते हैं।
तौल में पारदर्शिता पर रहेगा विभाग का जोर
रामपुर। गन्ना खरीद के दौरान तौल प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने पर विभाग का विशेष जोर रहेगा। क्रय केंद्रों पर गन्ना लेकर पहुंचने वाले किसानों के सामने ही तौल की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। तौल के बाद किसानों को संबंधित पर्ची और वजन की जानकारी दी जाएगी। विभाग की निगरानी का उद्देश्य किसानों को किसी तरह की परेशानी से बचाना है। इसके अलावा क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाओं की नियमित जांच भी की जाएगी, जिससे शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
वर्ष 2025 में चीनी मिलों द्वारा की गई पेराई
चीनी मिल का नाम- पेराई
रुद्र- बिलास- 11.69 लाख क्विंटल
राणा शुगर्स- 41.31 लाख क्विंटल
त्रिवेणी- 52.03 लाख क्विंटल
नवंबर से पेराई सत्र शुरू कराने की तैयारी चल रही है। जिले में 85 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। गन्ना ढुलाई में लगे वाहनों को जीपीएस से जोड़ा जाएगा। मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष स्थापित कर वाहनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इससे गन्ने की ढुलाई में पारदर्शिता आएगी और व्यवस्था बेहतर होगी।
वेद प्रकाश, जिला गन्ना अधिकारी, रामपुर