समय से गन्ने का भुगतान न करने पर प्रशासन ने राणा शुगर फैक्ट्री पर शिकंजा कसा है। उप जिलाधिकारी शाहबाद और जिला गन्ना अधिकारी ने राणा मिल की चीनी अपने कब्जे में ली। साथ ही अधिकारियों ने मिल के केंद्रों पर छापा भी मारा और चीनी का स्टाक चेक किया।
करीमगंज की राणा शुगर फैक्ट्री किसानों को समय से गन्ने का भुगतान नहीं करती है। भुगतान न करने और गन्ने की अवैध बिक्री को लेकर मिल के खिलाफ हर साल कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया जाता है। बीते साल भी किसानों को समय से भुगतान नहीं किया। चालू पेराई सत्र में भी मिल ने डीएम के टैगिंग आदेशों का पालन नहीं किया। आदेश के मुताबिक मिल को अब तक जितनी भी चीनी बनी है उसे बैंक में बंधक कर किसानों का भुगतान करना चाहिए था लेकिन, ऐसा नहीं किया।
उप जिलाधिकारी शाहबाद गजेंद्र सिंह, जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा और रामपुर गन्ना सहकारी समिति के सचिव साहब सिंह सत्यार्थी ने शनिवार को मिल पर छापा मारा। मिल के स्टाक में 2605 बोरे चीनी पाई गई। जांच करने पर पता चला कि चीनी बैंक में बंधक नहीं की है। अधिकारियों ने क्रय केंद्रों की भी जांच की। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि राणा की चीनी कब्जे में ले गई गई। चीनी बेचकर किसानों का समय से भुगतान कराया जाएगा। मिल के अध्यासी को भी नियमानुसार गन्ने का भुगतान करने के आदेश दिए गए हैं।