यूक्रेन में फंसे स्वार, बिलासपुर और सैदनगर क्षेत्र के छात्र अब घर वापसी की तैयारी में जुट गए हैं। हालांकि छात्रों ने अपने परिजनों को फोन पर बताया है कि चिंता की कोई बात नहीं है। भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में है। इनमें दो छात्रों के अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद है।
पिछले काफी समय से रूस और यूक्रेन के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे में यूक्रेन में फंसे भारतीयों के परिजनों को अपनों की चिंता सता रही है। रामपुर की स्वार तहसील क्षेत्र के मझरा हसन निवासी अबुल हसन का पुत्र यूक्रेन से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात को ही उनकी बात उनके पुत्र से हुई है। उनके पुत्र ने बताया है कि जिस स्थान पर तनाव है, वह उसके विश्वविद्यालय से 1200 किलोमीटर दूर है। ऐसे में चिंता की कोई बात नहीं है। भारतीय दूतावास के अधिकारी भी संपर्क में हैं। वह टिकट हासिल करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। जबकि, सैदनगर क्षेत्र के सेंटाखेड़ा गांव निवासी सुभान भी यूक्रेन में एमबीबीएस करने के लिए गए थे। उनके पिता जलीस अहमद बताते हैं कि उनके बेटा लगातार आने की कोशिश कर रहा है, लेकिन फ्लाइट के टिकट नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने अपने बेटे की अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद जताई है। वहीं, बिलासपुर के ग्राम पट्टी बसंतपुर निवासी संजय दत्त शर्मा यूक्रेन की यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसके अनुसार उसका विश्वविद्यालय सीमा से करीब दो सौ किलोमीटर दूर है। ऐसे में तनाव तो है, लेकिन चिंता की कोई बात नहीं है। वह लगातार भारतीय दूतावास के संपर्क में है और टिकट बुक करने के लिए प्रयास कर रहा है। लेकिन, टिकट महंगा होने की वजह से कुुछ समस्या आ रही है। किंतु, फिर भी अगले सप्ताह तक उसके आने की पूरी उम्मीद है।