रामपुर। सड़कों पर गड्ढे हैं, वाहनों की रफ्तार बेलगाम है और यातायात नियमों की अनदेखी जारी है। कहीं खतरनाक मोड़ों पर चेतावनी संकेतकों की जरूरत है तो कहीं दुर्घटना संभावित स्थलों पर सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। नतीजा यह है कि सड़क पर निकलना लोगों के लिए जोखिम भरा बना हुआ है।
इस माह अभी तक 20 दिन में 11 हादसे हादसे हो चुके हैं। इनमें दस लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, आठ लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। अक्तूबर में जिले में सामने आए सड़क हादसों की घटनाएं इसी खतरे की ओर इशारा कर रही हैं। हाईवे से बाईपास और ग्रामीण मार्गों तक दुर्घटनाएं हुई हैं। हादसों में मौतों और लोगों के घायल होने के बीच सवाल यह है कि दुर्घटना के बाद सक्रिय होने वाला तंत्र हादसों को रोकने के लिए पहले से कितना तैयार है?
जिन स्थानों पर बार-बार दुर्घटनाएं होती हैं, उन्हें ब्लैक स्पॉट या दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में चिह्नित किया जाता है। जिले में फिलहाल कागजों में 19 ब्लैक स्पॉट हैं। इनमें सुधार के लिए ढाई करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। लोगों का कहना है कि इन स्थानों पर हादसों के कारणों का तकनीकी आकलन कर सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए।
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खराब सड़कें बढ़ाती हैं जोखिम
हाईवे, बाईपास और नैनीताल हाईवे पर सड़कों में गड्ढे, उखड़ी सतह, क्षतिग्रस्त किनारे और पर्याप्त दृश्यता का अभाव वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। तेज रफ्तार में वाहन चलाते समय अचानक गड्ढा या सड़क की खराब स्थिति सामने आने पर चालक के लिए वाहन संभालना मुश्किल हो सकता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में सड़कों की नियमित जांच, गड्ढों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त हिस्सों पर अस्थायी चेतावनी संकेतक लगाने की जरूरत है।
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रैश ड्राइविंग और नियमों की अनदेखी
तेज रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, ओवरटेकिंग में लापरवाही तथा हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करना दुर्घटनाओं में चोट की गंभीरता बढ़ा रहे हैं। व्यस्त मार्गों और हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही के बीच नियमों की अनदेखी दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी खतरा बन रही है। यातायात पुलिस की ओर से नियमित निगरानी, गति सीमा का पालन कराने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन शहर से लेकर गांव तक की सड़कों पर लापरवाही से वाहन चलाए जा रहे हैं। पुलिस की सख्ती का भी इन पर असर नहीं हो रहा है।
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संकेतकों की कमी से बढ़ सकती है परेशानी
हाईवे, बाईपास, तीखे मोड़ों, कट और रेलवे क्रॉसिंग के आसपास स्पष्ट संकेतक वाहन चालकों को पहले से सतर्क करते हैं, लेकिन इन स्थानों पर संकेतकों की कमी बनी हुई है। संकेतक न होने से चालक को खतरे का अंदाजा देर से लग पाता है और हादसे हो जाते हैं। विभागों को मार्गों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जरूरी चेतावनी बोर्ड और रिफ्लेक्टर सही स्थान पर लगे हों और रात में भी दिखाई दें। हालांकि, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस और एनएचएआई अब तक कई स्थानों पर संकेतक लगा चुके हैं।
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गहरे गड्ढे सामने आए तो संभलना मुश्किल
खराब सड़कें वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ा रही हैं। हाईवे और नैनीताल बाईपास पर सड़क के गड्ढे, उखड़ी सतह, टूटे किनारे और अचानक आने वाले मोड़ तेज रफ्तार में वाहन संभालना मुश्किल कर देते हैं। यही वजह है कि यहां हादसे हो रहे हैं। शाहबाद रोड की हालत भी खराब है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए ऐसी स्थिति विशेष रूप से जोखिम भरी हो गई है। सड़क की खामियां दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विभाग मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं हैं, जिसकी वजह से हादसे हो रहे हैं। विभागीय अफसरों की यह लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है।
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रामपुर में अक्तूबर के सड़क हादसे: प्रमुख घटनाएं
- 3 अक्तूबर: धमोरा के पास हाईवे पर अज्ञात वाहन की टक्कर से एक युवक की मौत।
- 7 अक्तूबर: कोयला गांव के पास रामपुर-काठगोदाम हाईवे पर हादसे में घायल मजदूर की उपचार के दौरान मौत।
- 11 अक्तूबर: मिलक बाईपास के रोरा कट पर ट्रक और छोटा हाथी की भिड़ंत में चार लोग घायल।
- 14 अक्तूबर: गंज थाना क्षेत्र के बाईपास पर ट्रक की टक्कर से घायल युवक की उपचार के दौरान मौत।
- 14 अक्तूबर: मिलक क्षेत्र में धमोरा के निकट बाइक पेड़ से टकराई, युवक की मौत।
- 16 अक्तूबर: मिलक-पटवाई मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रक की चपेट में आने से महिला की मौत।
- 17 अक्तूबर: बिलासपुर में चड्ढा पेपर मिल के पास कार और ट्रैक्टर-ट्रॉली की भिड़ंत में किसान की मौत।
- 17 अक्तूबर: स्वार में रामपुर-बाजपुर मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से एक अज्ञात युवक की मौत।
- 17 अक्तूबर: शाहबाद-आंवला मार्ग पर दो बाइकों की भिड़ंत में चार लोग घायल, दो जिला अस्पताल रेफर।
- 19 अक्तूबर: मिलक क्षेत्र के खानपुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से डिलीवरी बॉय सतेंद्र की मौत।
- 20 अक्तूबर: रामपुर-काठगोदाम हाईवे पर खूंटाखेड़ा के पास कार और कैंटर की भिड़ंत में दो युवकों की मौत।
रामपुर के प्रमुख चिह्नित ब्लैक स्पॉट
कोसी जीरो प्वाइंट, पसियापुरा तिराहा, अजीतपुर ओवरब्रिज, आगापुर बाईपास, अलीनगर जनूवी, लोहा पट्टी, धमोरा कट, मेघानगला, जीरो प्वाइंट, टोनर कट, राणा शुगर मिल, करीमगंज, कस्बा भोट, शादी की मढ़ैया, रहटगंज, समौदिया गांव, चीमा पैलेस, रास डंडिया, मुंशीगंज, पीलाखार पुल और सीकमपुर चौराहा।
वर्जन
सड़क हादसों को कम करने के लिए पुलिस व परिवहन विभाग संयुक्त रूप से काम कर रहा है। हादसे के बाद तत्काल घायलों की मदद पहुंचाई जाती है। ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए भी सख्ती की जा रही है। कोशिश की जा रही है कि हादसे कम हों। -अनुराग सिंह, एएसपी