रामपुर। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने वेतनवृद्धि समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को हड़ताल पर रहे। इसको लेकर कर्मचारी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर एकत्र हुए। कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की वेतन वृद्धि समेत तमाम मांगों को शीघ्रता से पूरा करे। कर्मचारियों की हड़ताल से 50 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित हुआ।
शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन रामपुर यूनिट के बैनर तले बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी नवाब गेट स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा पर एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। संयोजक एमके चौहान ने कहा कि 30 जनवरी को सरकार की संस्था इंडियन बैंक एसोसिएशन एवं बैंकों की यूनियन के बीच वार्ता हुई, लेकिन इंडियन बैंक एसोसिएशन ने हठधर्मिता के चलते बैंक कर्मियों की मांगें मानने से इंकार कर दिया। इसी वजह से वार्ता विफल हो गई। कहा कि बैंक यूनियन के बीच सरकार से 15 प्रतिशत वेतन वृद्धि का समझौता हुआ था, लेकिन इंडियन बैंक एसोसिएशन 13.5 प्रतिशत से ज्यादा वेतन वृद्धि करने को तैयार नहीं है। सह संयोजक जगमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश के वित्त मंत्री को आगे आकर बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की यूनियन से वार्ता करनी होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो 11 से 13 मार्च तक हड़ताल करने के लिए बैंक कर्मियों को बाध्य होना पड़ेगा। स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के हरिओम सक्सेना ने कहा कि यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन का स्वरूप और व्यापक करना होगा। इस मौके पर अरविंद अग्रवाल, आशुतोष गुप्ता, कैलाश चन्द्र, शुजाता चौहान, अंजुम सिद्दिकी, राजेश कुमार कन्नौजिया, सुमित कुमार, राहुल अग्रवाल आदि मौजूद रहे।