रामपुर। बड़े व्यापारियों की ओर से चीनी की बंपर खरीद से बाजार में उत्पन्न हुई कृत्रिम कमी के कारण अचानक चीनी के भाव बढ़ने से जिला प्रशासन में भी खलबली है। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने चीनी की कृत्रिम कमी एवं कीमतों में अनावश्यक वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिले में चीनी के भंडारण एवं बिक्री को लेकर स्टॉक लिमिट तय कर दी है।
डीएम के अनुसार आयुक्त, खाद्य तथा रसद विभाग लखनऊ की ओर से निर्देश के क्रम में 01 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चीनी व्यापारियों के लिए स्टॉक लिमिट लागू कर दी गई है। इसके तहत कोई भी चीनी डीलर प्राप्ति की तिथि से 30 दिन से अधिक अवधि तक किसी भी स्टॉक का भंडारण नहीं कर सकेगा। देशभर में किसी भी समय एवं किसी भी स्थान पर 4,000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखा जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई वर्तमान बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी उत्पन्न होने, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद बाजार में कमी का आभास पैदा होने तथा इसके कारण चीनी की कीमतों में हुई वृद्धि को नियंत्रित करने के उद्देश्य से की गई है।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि जिले में किसी भी चीनी मिल, डीलर, एजेंट या थोक उपभोक्ता द्वारा निर्धारित स्टॉक लिमिट या अन्य जारी निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है तो संबंधित के विरुद्ध तत्काल नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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चीनी मिलों के लिए भी निर्धारित की गई समय-सीमा
जिलाधिकारी ने बताया कि आयुक्त, गन्ना एवं चीनी, उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार कोई भी चीनी मिल किसी डीलर, एजेंट या थोक उपभोक्ता को चीनी बेचने के बाद अपने परिसर में उस चीनी का स्टॉक सात दिनों से अधिक अवधि तक नहीं रखेगी। यह व्यवस्था भी 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।