कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां ने प्रधानमंत्री के साथ ही यूपी के वोटरों पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि उप्र के लोग रुपयों को वरीयता देने लगे हैं वोट कहीं जाए, भविष्य कहीं जाए, लेकिन पैसे आने चाहिए। अगर हमारा जमीर पैसों से खरीदा ही जा रहा है तो मोदी जी आपका भाषण दिल तोड़ने वाला था। आपने चुनाव के वक्त वोट लेने से पहले यह कहा था कि हर किसी को जनधन खाते से पैसा पहुंचेगा। लेकिन आपने हमें स्वाभिमानी लोग क्यों कह दिया। हम स्वाभिमानी लोग नहीं, गरीब हैं। हमें पैसे दो। जब तक आप पैसे नहीं भेजते एक बार फिर यह ठगी कहलाएगी।
आजम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता पाने के लिए रिश्तों के तार तोड़ दिए। उनसे अच्छाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। गरीबों के खाते में पैसे आने चाहिए और किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए। आजम खां ने कहा कि जो बयान पीएम नरेंद्र मोदी ने दिया है उसकी उनसे उम्मीद नहीं की जा सकती थी। सत्ता पाने के लिए सरकार के तार तोड़कर रिश्तों के तार तोड़ दिए। अक्सर ज्यादा फल वाले पेड़ की जड़ टूट भी जाती है। पेड़ टूटकर गिर भी जाता है। कहा उनके पेड़ में जितने फल आएं उन्हें संभाल कर रखें।
सपा कार्यालय पर होली मिलन समारोह में आजम खां ने कहा कि मोदी जी ने चुनाव तो जीता लेकिन दिलों का चुनाव बुरी तरह हार गए। कहा कि ईद और दिवाली पर विचारों का विवाद पड़ जाए या बीते पांच वर्षों में होली के दिन पांच सेकेंड के लिए भी बिजली नहीं गई लेकिन अब होली पर रात से आंख मिचौली चल रही है। उन्होंने कि अच्छा हो कि यह बिजली सिर्फ मुस्लिम इलाकों में बंद हो, हम अंधेरे में रह लेंगे लेकिन सब न रहें यह मोदी जी सुनिश्चित करें।