सपा महासचिव और कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां ने मुलायम और अखिलेश पर खुलकर बात करते हुए कहा कि मैने एक पुल की तरह काम किया। न मेरे हाथ से नेता जी गए और न अखिलेश जी, मेरे दोनों हाथों में लड्डू हैं। गठबंधन के सवाल पर कहा कि कांग्रेस ने बहुत नाइंसाफियां की हैं, लेकिन भाजपा को रोकने के लिए गठबंधन भी जरूरी है, यूपी में भाजपा को केवल सपा ही रोक सकती है। सपा में डिसिप्लिन है अध्यक्ष को अधिकार है कि पार्लियामेंट्री बोर्ड की तरफ से चाहे जो फैसला ले।
मंगलवार को सपा कार्यालय पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए आजम खां ने चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत किया। अखिलेश और मुलायम में आप किस तरफ होंगे के जवाब में कहा कि मैं एक पुल का काम कर रहा हूं, न मेरे हाथ से नेता जी गए, न बेटे जी गए, दोनों हाथों में लड्डू हैं मेरे, मेरे प्रिय मुख्य्मंत्री भी हैं, मेरे प्रिय नेता जी भी हैं, हम दोनों की इज्जत करते हैं, दोनों से प्यार करते हैं, हमारे लिए इससे बड़ी खुशी की कोई बात नहीं है, कि समाजवादी पार्टी बच गयी साइकिल बच गयी रिश्ते बच गए। जो लोग रोड़ा अटका रहे थे जैसे अमर सिंह उनका क्या होगा? देखिये रोड की जो जगह हे वो वहीं रहता है। कांग्रेस और सपा गठबंध्न पर आजम खान ने कहा इस बारे में हमारी कोई बात नहीं हुई है क्योंकि हमारे यहाँ अध्यक्ष को अधिकार है, पार्लियामेंट्री बोर्ड की तरफ से कि वो जो चाहे फैसला ले, यह हमारी पार्टी में डिसिप्लिन है।
आजम ने बीजेपी का विकल्प तलाशने की बात करते हुए कांग्रेस और वामपंथी दलों में से किसी एक का चयन करने की बात कही, लेकिन साथ ही कांग्रेस को हिंदुस्तान के बंटबारे के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कांग्रेस को आजादी के बाद हुए हजारों दंगों, धार्मिक मामलात और कानूने शरीयत में दखल व अयोध्या मामले में मुस्लिमों से नाइंसाफियों का आरोप भी लगाया। आजम ने कहा कि इसमे तो दो राय है नहीं की आज नहीं तो कल बीजेपी का किसी को तो बिकल्प बनना ही होगा। अब तीन ही बड़े दल हैं बीजेपी बामपंथी और कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर इसमें से किसको विकल्प बनाएंगे ये हमें तय करना है लेकिन राष्टीय स्तर पर कांग्रेस अगर विकल्प बनती है तो इसमें विचार करने की जरूरत ह