मंडी समिति में जीत का सर्टिफिकेट लेते वक्त आजम खां का पारा चढ़ गया। आजम ने सीधे निर्वाचन अधिकारी अभय गुप्ता को निशाने पर ले लिया। आजम ने कहा-अफसर कितनी जल्दी रंग बदलते हैं। पांच साल ज्यादा नहीं होते, नौकरी बहुत है। जीत का सर्टिफिकेट लेने के लिए उन्हें कीचड़ के बीच क्यों बुलाया गया। इतना अपमानित करना ठीक नही हैं। काफी देर तक आजम खां आरओ को खरी खोटी सुनाते रहे।
जीत का सर्टिफिकेट लेने गाड़ी से पहुंचे आजम खां की मंडी समिति में इंट्री को लेकर भाजपाइयों ने हंगामा खड़ा कर दिया,जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने आजम की गाड़ी को गेट पर ही रोक दिया और फिर इसके बाद आजम को कीचड़ के बीच ही पैदल सर्टिफिकेट लेने जाना पड़ा।
सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां नवीं बार विधायक बने। विधायक बनने के बाद जीत का सर्टिफिकेट लेने के लिए वह अपने स्वार टांडा से सपा से जीते अपने बेटे अब्दुल्ला आजम और चमरौवा से विजयी रहे नसीर अहमद खां व समर्थकों के संग गाड़ियों से मंडी समिति के गेट पर पहुंच गए।
यहां पर पहले से ही भाजपाई खड़े हुए थे। पुलिस ने आजम की गाड़ी को गेट पर ही रोक लिया और इसके बाद गाड़ी आगे बढ़ने लगी। लेकिन इस बीच यहां पहले से खड़े भाजपाइयों का पारा चढ़ गया। भाजपाइयों ने इस दौरान हंगामा शुरू कर दिया। भाजपाइयों का कहना है कि गाड़ी की जब मंडी समिति में इंट्री नहीं है तो आजम खां की गाड़ी क्यों जा रही है। इसको लेकर हंगामा होता रहा। काफी हंगामे के बाद आजम खां को अपने समर्थकों के संग गेट से मतगणना स्थल के भीतर तक पैदल ही जाना पड़ा। मंडी समिति में बारिश होने की वजह से कई जगह गंदगी भी जमा हो गई थी। यानी गंदगी से होते हुए आजम को जीत का सर्टिफिकेट लाने जाना पड़ा। इस घटना को लेकर सपाइयों में गुस्सा छाया रहा