रामपुर कोर्ट में पेश होने आए आजम खां
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डूंगरपुर प्रकरण में आजम खां समेत चार दोषी करार
डूंगरपुर बस्ती में घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज, धमकाने और आपराधिक षड्यंत्र रचने के मामले में रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने सपा नेता आजम खां, रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां और रिटायर्ड सीओ आले हसन समेत चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों को कोर्ट 18 मार्च को सजा सुनाएगी। कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सपा के प्रदेश सचिव ओमेंद्र सिंह चौहान समेत तीन आरोपियों को बरी कर दिया।
रामपुर कोर्ट में पेश होने आए आले हसन
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गंज थाना क्षेत्र में डूंगरपुर बस्ती को खाली कराने को लेकर 12 मुकदमे 2019 में दर्ज हुए थे। यह सभी मामले बस्ती में रहने वाले लोगों की ओर से दर्ज कराए गए थे। इसमें से एक मामला बस्ती निवासी एहतेशाम ने गंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने घर में घुसकर मारपीट, गाली-गलौज, डकैती और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में सपा पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, ठेकेदार बरकत अली, रिटायर्ड सीओ आले हसन, फरमान नासिर, जिबरान नासिर, सपा के प्रदेश सचिव ओमेंद्र सिंह चौहान को आरोपी बनाया था।
रामपुर कोर्ट में पेश होने आए आजम खां
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आजम खां को आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोपी बनाया गया था। कोर्ट में चार मार्च को इस मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी थी। शनिवार को इस मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित सक्सेना ने बताया कि एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के न्यायाधीश डाॅ. विजय कुमार ने सपा नेता आजम खां, पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, रिटायर्ड पुलिस क्षेत्राधिकारी आले हसन, ठेकेदार बरकत अली को दोषी करार दिया है। जबकि ओमेंद्र सिंह चौहान, जिबरान नासिर, फरमान नासिर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। अदालत दोषी ठहराए गए सभी चारों आरोपियों को 18 मार्च को सजा सुनाएगी।
रामपुर कोर्ट में पेश होने आए आजम खां
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क्या है डूंगरपुर प्रकरण
सपा की पिछली सरकार में गंज थाना क्षेत्र के डूंगरपुर में आसरा आवास बनाने के लिए वहां पर पहले से रह रहे लोगों को घरों पर बुलडोजर चलवा दिया गया था और उनका सामान लूट लिया गया था। इस मामले में 2019 में अलग-अलग 12 मुकदमे दर्ज कराए गए थे। इन मुकदमों में आजम खां को आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोपी बनाया गया था।
सीतापुर की जेल से पेशी पर आए आजम
डूंगरपुर प्रकरण के मुकदमे की सुनवाई के दौरान सपा नेता आजम खां को सीतापुर की जेल से पेशी पर लगाया गया। अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में कोर्ट से सात साल की सजा सुनाए जाने के बाद से आजम खां सीतापुर की जेल में बंद हैं। कोर्ट ने इस मामले में आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बेटे अब्दुल्ला आजम को भी सात-सात साल की सजा सुनाई थी। अब्दुल्ला हरदोई और डॉ. फात्मा रामपुर की जेल में बंद हैं।