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Rampur News: असलहों के बल पर बाइकें उठा ले गए तस्कर, वन कर्मी ताकते रह गए

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स्वार। पीपली वन क्षेत्र अभी भी अशांत है। बुधवार को तस्करों और वन कर्मियों के बीच हुई फायरिंग के दौरान तस्कर अपनी बाइक छोड़ कर भाग गए थे, उन बाइकों को बृहस्पतिवार की शाम वह असलहों के बल पर उठा ले गए। इस दौरान वनकर्मी असहाय बने रहे। इधर, वन विभाग की ओर से एक दिन पूर्व हुए कटान और फायरिंग की घटना के संबंध में मिलक खानम पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है।
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बुधवार की रात बीट नंबर-11 में तस्करों ने चार खैर के पेड़ काटे थे। वन विभाग की टीम ने जब उन्हें ललकारा तो तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वन कर्मियों ने भी गोलियां चलाईं और करीब 10 राउंड फायर हुए। हड़कंप मचने पर तस्कर लकड़ी और अपनी बाइके वहीं छोड़कर भाग निकले थे। डीएफओ प्रणव जैन ने फायरिंग और अवैध कटान की पुष्टि करते हुए बताया था कि पीपली वन में दस राउंड फायरिंग कर तस्करों को खदेड़ते हुए उनकी बाइकें और काटी गई लकड़ी कब्जे में ली गईं।
इसके बावजूद तस्करों के हौंसले फिर भी पस्त नहीं हुए। उन्होंने अगले ही दिन बृहस्पतिवार को पीपली वन में फिर धावा बोला। इस बार वह लकड़ी काटने नहीं बल्कि फायरिंग के दौरान छोड़ी गईं बाइकें उठाने के लिए आए थे। वह दुस्साहस दिखाते हुए पीपली चौकी से महज कुछ मीटर दूर मजार के निकट से असलहों के बल पर छोड़ी गई बाइके उठाकर ले गए। सूत्रों के अनुसार वनकर्मी उन्हें असहाय होकर देखते रह गए।
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आश्चर्य जनक बात यह है कि फायरिंग और अवैध कटान होने के बावजूद वन विभाग की ओर से अभी तक मिलक खानम पुलिस कोई तहरीर तक नहीं दी गई है। इस बीच सीओ अतुल कुमार पांडेय ने कहा कि वन विभाग यदि अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सख्ती दिखाए तो अवैध कटान और तस्करी पर रोक लग सकती है।
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